- राज्यसभा चुनाव में शैली चौधरी, रेणु बाला, सरदार जरनैल सिंह, मोहम्मद इलियास तथा मोहम्मद इजराइल पर लगा था आरोप
Haryana News | मेरा हरियाणा नेटवर्क | चंडीगढ़ | राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग करने के मामले में कांग्रेस ने पार्टी के पांच विधायकों को तत्काल प्रभाव से प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने गुरुवार को बताया कि पार्टी ने अनुशासन के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए नारायणगढ़, सढौरा, रतिया, पुनहाना और हथीन विधानसभा क्षेत्रों से निर्वाचित विधायक क्रमश: शैली चौधरी, रेणु बाला, सरदार जरनैल सिंह, मोहम्मद इलियास तथा मोहम्मद इजराइल को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निलंबित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश अनुशासन समिति की सिफारिश तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति के बाद यह कार्रवाई की गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि संबंधित विधायकों ने हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध मतदान कर गंभीर अनुशासनहीनता का परिचय दिया, जो संगठनात्मक मर्यादाओं के प्रतिकूल है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि पार्टी के सामूहिक निर्णयों और अधिकृत रुख के विरुद्ध किसी भी प्रकार की गतिविधि पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कांग्रेस ने पहले पांचों विधायकों को कथित ‘क्रॉस-वोटिंग’ के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। विधायकों द्वारा नोटिसों पर दी गई प्रतिक्रियाओं की जांच करने के बाद अनुशासन समिति ने उन्हें निलंबित करने की सिफारिश की थी। विधायकों पर कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार के पक्ष में जानबूझकर मतदान न करके दल-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप थे।
दो राज्यसभा सीटों के लिए हुआ था मतदान
हरियाणा की दो राज्यसभा सीट के लिए मतदान 16 मार्च को हुआ था। भाजपा के संजय भाटिया ने आसानी से एक सीट जीती थी, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार करमवीर सिंह बौध ने निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के खिलाफ कड़े मुकाबले में दूसरी सीट हासिल की थी। पांच कांग्रेस विधायकों द्वारा कथित ‘क्रॉस-वोटिंग’ ने पार्टी की आसान जीत को चुनौतीपूर्ण बना दिया था। मतगणना के दौरान कांग्रेस के चार वोट भी अमान्य घोषित कर दिए गए। पार्टी के पांचों विधायकों पर आधिकारिक लाइन का उल्लंघन करने का संदेह था।
विधायकों ने किया था आरोपों का खंडन
शैली चौधरी, रेनू बाला और जरनैल सिंह ने बाद में आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि उनके नामों को अनावश्यक रूप से विवाद में घसीटा जा रहा है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने पार्टी के उम्मीदवार के लिए वोट दिया था। रविवार को फोन पर संपर्क करने पर, अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्मपाल मलिक ने डीएसी की सिफारिशों के बारे में विस्तार से बताए बिना कहा, हमने अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पार्टी प्रभारी महासचिव बीके हरिप्रसाद और पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल को भेज दी है। धर्मपाल मलिक ने बताया था कि उन्होंने स्थिति स्पष्ट कर दी थी और शुरू से अंत तक की सभी परिस्थितियों का पूरा विवरण दिया। रिपोर्ट पर निर्णय पार्टी को लेना था।














