हरियाणा सरकार ने ग्रामीण विकास विभाग में तृतीय श्रेणी (ग्रुप-C) पदों की भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब विभाग में बारहवीं से कम शैक्षिक योग्यता रखने वाले युवाओं को नौकरी नहीं मिल सकेगी। नई अधिसूचना के तहत स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के मामलों में भी कर्मचारी का 12वीं पास होना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही उम्मीदवार के दसवीं कक्षा में हिंदी या संस्कृत विषय होना या स्नातक स्तर पर हिंदी एक विषय के रूप में होना जरूरी होगा।
ग्रामीण विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव Dr. Saket Kumar द्वारा हरियाणा ग्रामीण विकास निदेशालय (ग्रुप-G) सेवा नियमों में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी गई है। संशोधित नियमों के अनुसार अब केवल 12वीं पास या समकक्ष योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी ही ग्रामीण विकास विभाग में ग्रुप-C पदों के लिए पात्र माने जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे विभागीय कार्यों में दक्षता और प्रशासनिक गुणवत्ता को बढ़ावा मिलेगा।
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद विभाग में सीधी भर्ती के साथ-साथ प्रतिनियुक्ति और स्थानांतरण की प्रक्रिया में भी शैक्षिक मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा। इससे पहले कम शैक्षिक योग्यता वाले कर्मचारियों के लिए अवसर उपलब्ध थे, लेकिन अब न्यूनतम योग्यता तय कर दी गई है, जिससे भविष्य की भर्तियों में स्पष्टता रहेगी।
इसी के साथ वित्त विभाग ने भी सेवा नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। Arun Kumar Gupta द्वारा जारी आदेश के अनुसार हरियाणा सिविल सेवा (यात्रा भत्ता) नियमों में बदलाव किया गया है, जो 24 नवंबर 2021 से प्रभावी माने जाएंगे। नए प्रावधानों के तहत अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्य जब हरियाणा सरकार में पद ग्रहण करेंगे या भारत सरकार अथवा किसी अन्य राज्य सरकार/संगठन से प्रतिनियुक्ति के बाद वापस लौटेंगे, तो वे Haryana Government के नियमों के अनुसार अखिल भारतीय सेवा (यात्रा भत्ता) नियम 1954 या हरियाणा सिविल सेवा (यात्रा भत्ता) नियम 2016 में से किसी एक विकल्प का चयन कर सकेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारियों को यह विकल्प तीन महीने के भीतर लिखित रूप में प्रस्तुत करना होगा। यदि निर्धारित अवधि में विकल्प प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो यह माना जाएगा कि अधिकारी ने हरियाणा सिविल सेवा (यात्रा भत्ता) नियम, 2016 को स्वीकार किया है। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने अभी तक विकल्प का प्रयोग नहीं किया है, उन्हें भी तीन महीने के भीतर लिखित रूप में अपना विकल्प देने का अवसर दिया गया है।
इन दोनों फैसलों को प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ग्रामीण विकास विभाग में न्यूनतम शैक्षिक योग्यता तय होने से भर्ती प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और प्रतिस्पर्धी होगी, वहीं यात्रा भत्ता नियमों में संशोधन से सेवा संबंधी प्रक्रियाओं में एकरूपता आएगी।












