Haryana News: हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में बुधवार का दिन खिलाड़ियों के नाम रहा। सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर में आयोजित ‘खिलाड़ी खेल सम्मान समारोह’ में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने 995 खिलाड़ियों को 3.80 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की।
महित संधू को 1.20 करोड़ नकद
प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों को क्रमश: 48,000, 42,000 और 36,000 रुपये दिए गए। खेलों में असाधारण उपलब्धियों के लिए महित संधू को 1.20 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार भी प्रदान किया गया।
नहीं होगी संसाधनों की कमी
राज्यपाल ने खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियों में प्रशिक्षकों और परिवारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के सपने के आड़े न आए।
48 हजार रुपये हुई सालाना छात्रवृत्ति
उन्होंने कहा कि नई खेल नीति-2023 के तहत चंडीगढ़ में खिलाड़ियों की वार्षिक छात्रवृत्ति 5,000 रुपये से बढ़ाकर 48,000 रुपये की गई है। पिछले दो वर्षों में खिलाड़ियों को करीब 32 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसमें 22.12 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति और 9.45 करोड़ रुपये पुरस्कार राशि के रूप में शामिल हैं।
प्रदर्शन पर दिखा प्रोत्साहन का असर
राज्यपाल ने कहा कि खेलों में बढ़े प्रोत्साहन का असर चंडीगढ़ के प्रदर्शन में भी दिखाई दे रहा है। शहर की पदक संख्या दो वर्षों में 297 से बढ़कर 488 से अधिक हो गई है। उन्होंने संजय और गुरजंत सिंह, काशवी गौतम, मोहित संधू, इशरूप नारंग, एंजेल यादव, अमनदीप और प्राची सहित खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख किया।
नशामुक्त भारत की शपथ दिलाई
समारोह के दौरान उन्होंने खिलाड़ियों और उपस्थित लोगों को नशामुक्त भारत की शपथ भी दिलाई। कटारिया ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और विपरीत परिस्थितियों से जूझने की क्षमता विकसित करते हैं। ये युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें नशे तथा अन्य नकारात्मक प्रभावों से दूर रखने में भी मदद करते हैं।












