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Ambala ki local news : अंबाला में अब खिलाड़ियों को आधुनिक ट्रैक की कमी महसूस नहीं होगी. यहां दौड़ से लेकर लॉन्ग जंप, हाई जंप और जैवलिन थ्रो तक की तैयारी की जा सकेगी. अंबाला के राजीव गांधी खेल स्टेडियम में करीब 18 करोड़ रुपये से 8 लेन का सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक बनाने की तैयारी है. यहां एक ही परिसर में ट्रैक एंड फील्ड दोनों तरह की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं की तैयारी होगी. अंबाला डीएसओ रामस्वरूप शर्मा ने लोकल 18 को बताया कि राजीव गांधी खेल स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का काम जुलाई 2025 की मुख्यमंत्री घोषणा के तहत किया जाना है.
अंबाला. हरियाणा के अंबाला में जिन खिलाड़ियों को अब तक नेशनल और इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए आधुनिक ट्रैक की कमी महसूस होती थी, उनके लिए अच्छी खबर है. अब उन्हें अपने ही शहर में ऐसी सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है, जहां दौड़ से लेकर लॉन्ग जंप, हाई जंप और जैवलिन थ्रो तक की तैयारी की जा सकेगी. अंबाला शहर स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम में करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से 8 लेन का सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक बनाने की तैयारी है. इसके लिए एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेज दिया गया है. हरियाणा स्टेट रोड्स एंड ब्रिजेज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचएसआरडीसी) की ओर से सिंथेटिक ट्रैक को लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया था. इसके बाद खेल विभाग ने इसका एस्टीमेट तैयार किया है. अब मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और किसी एजेंसी को निर्माण का जिम्मा सौंपा जाएगा.
हर लेन 2.5 मीटर चौड़ा
प्रस्ताव के तहत राजीव गांधी खेल स्टेडियम में करीब 400 मीटर लंबा सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक तैयार किया जाएगा. इसमें कुल 8 लेन होंगी. प्रत्येक लेन की चौड़ाई करीब ढाई मीटर रखी जाएगी. इस ट्रैक पर अलग-अलग दौड़ प्रतियोगिताओं के अभ्यास के साथ-साथ प्रतियोगिताएं भी हो सकेंगी. ट्रैक के साथ फील्ड इवेंट्स के लिए भी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. खिलाड़ियों को लॉन्ग जंप, हाई जंप, ट्रिपल जंप, शॉट पुट, हैमर थ्रो और जैवलिन थ्रो जैसे इवेंट्स की तैयारी के लिए भी मैदान उपलब्ध कराया जाएगा. यानी एक ही परिसर में ट्रैक एंड फील्ड दोनों तरह की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं की तैयारी होगी.
जोड़ों पर कम दबाव
अंबाला डीएसओ रामस्वरूप शर्मा ने लोकल 18 को बताया कि राजीव गांधी खेल स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का काम जुलाई 2025 की मुख्यमंत्री घोषणा के तहत किया जाना है. सिंथेटिक ट्रैक सामान्य हार्ड ट्रैक की तुलना में खिलाड़ियों के लिए ज्यादा सुविधाजनक होता है. इसकी सतह अपेक्षाकृत सॉफ्ट होती है, जिससे दौड़ के दौरान खिलाड़ियों के पैरों और जोड़ों पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है और चोट की आशंका भी कम रहती है. डीएसओ के मुताबिक, नया सिंथेटिक ट्रैक बनने के बाद राजीव गांधी खेल स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रहे खेलो इंडिया सेंटर के खिलाड़ियों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा. सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ के साथ लॉन्ग जंप, हाई जंप, शॉट पुट और जैवलिन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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