Haryana News: हरियाणा रोडवेज की बसें 5 एवं 6 नवंबर को नहीं चलेंगी। हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा और समस्त यूनियनों ने दो दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यह हड़ताल रोडवेज कर्मचारियों की लंबित मांगों को लागू न करने और विभाग के निजीकरण के विरोध में की जा रही है। इसमें हरियाणा रोडवेज के 24 डिपो और 13 सब-डिपो के करीब 20 हजार कर्मचारी शामिल होंगे।
मांगें पूरी न होने पर रोष
हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ (बीएमएस) के प्रदेश मंत्री अमित महराना ने बताया कि वर्ष 2018 से रोडवेज कर्मचारियों की कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं। सरकार द्वारा इन मांगों को लागू नहीं किए जाने से कर्मचारियों में भारी रोष है। महराना ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में चालक-परिचालकों का वेतनमान बढ़ाना शामिल है।
इन मांगों के समर्थन में हड़ताल
उन्होंने कहा कि दिवाली बोनस और 33 अर्जित अवकाश बहाल करना भी मुख्य मांगें हैं। कर्मचारियों को 30 रुपये रात्रि भत्ता, बिना शर्त ओवरटाइम और चार घंटे की ड्यूटी पर एक विश्राम भी चाहिए। वॉशिंग भत्ता सहित अन्य वैधानिक लाभ लागू करने की भी मांग की गई है। कर्मचारी रोडवेज विभाग के निजीकरण की नीतियों का भी कड़ा विरोध कर रहे हैं। हड़ताल के संबंध में 23 अक्तूबर को सभी डिपो महाप्रबंधकों के माध्यम से हरियाणा सरकार को नोटिस दिया गया था।
वेतन वृद्धि की मांग प्राथमिकता
कर्मचारियों की मांगों में वेतन वृद्धि सबसे ऊपर है। दिवाली बोनस और अर्जित अवकाश की बहाली भी महत्वपूर्ण है। रात्रि भत्ता और ओवरटाइम बिना किसी शर्त के देने की मांग की गई है। चार घंटे की ड्यूटी के बाद एक विश्राम और वॉशिंग भत्ता भी शामिल है।













