हरियाणा के सोनीपत में सामने आए नकली देसी घी के हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। आरोपियों से साठगांठ और जांच में गंभीर लापरवाही के आरोपों के बाद गोहाना सिटी थाना के SHO अरुण कुमार और ASI संदीप को निलंबित कर दिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।
बताया जा रहा है कि आरोपियों के नाम केस से बाहर रखने, पूरे नेटवर्क को उजागर न करने और विभागीय पत्रों का जवाब न देने जैसी शिकायतें सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। इससे पहले दोनों अधिकारियों को तीन दिन पहले लाइन हाजिर किया गया था।
SIT करेगी पूरे नेटवर्क की जांच
डीसीपी ने SHO और ASI के निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की आगे की जांच अब SIT करेगी। इस टीम में गोहाना ACP देवेंद्र, मोहाना थाना SHO मोहन सिंह, SI जितेंद्र और साइबर सेल का एक कर्मी शामिल है। SIT न सिर्फ नकली घी के पूरे नेटवर्क बल्कि अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच करेगी।
कैसे पकड़ा गया था नकली देसी घी
जानकारी के मुताबिक, 10 दिसंबर 2025 को शहर थाना गोहाना पुलिस ने खंदराई मोड़ के पास जींद की गुरुद्वारा कॉलोनी निवासी सुनील कुमार को अर्टिगा कार सहित गिरफ्तार किया था। वाहन से वीटा मार्का के करीब 450 लीटर देसी घी के डिब्बे बरामद हुए थे। जांच में यह घी नकली पाया गया, जिस पर वीटा ब्रांड की नकली पैकिंग की गई थी।
फैक्ट्री मालिक भी हुआ गिरफ्तार
मामले की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने बाद में जींद के राजेंद्र नगर निवासी फैक्ट्री मालिक नंदकिशोर को भी गिरफ्तार किया। आरोप है कि नकली देसी घी बनाने और सप्लाई करने का यह एक संगठित गिरोह था, जिसमें आगे और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
एफएसओ के पत्र का नहीं दिया गया जवाब
खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) बीरेंद्र यादव ने भी इस मामले में पुलिस को पत्र लिखकर आरोपियों के नाम-पते की जानकारी मांगी थी, ताकि विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सके। लेकिन तत्कालीन थाना प्रभारी की ओर से किसी भी पत्र का जवाब नहीं दिया गया, जिससे पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए।
तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए जींद के श्याम नगर निवासी आनंद को भी गिरफ्तार किया है। माना जा रहा है कि SIT जांच के दौरान और नाम सामने आ सकते हैं।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में सोनीपत के गांव बड़वासनी के पास भी नकली देसी घी का मामला सामने आया था। तब बोलेरो पिकअप से 500-500 ग्राम के डिब्बों में पैक नकली देसी घी बरामद हुआ था, जिसके सैंपल लैब भेजे गए थे। इससे साफ है कि नकली घी का यह नेटवर्क पहले से सक्रिय रहा है।
कार्रवाई का दायरा बढ़ने के संकेत
SIT के गठन के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में नकली देसी घी के पूरे नेटवर्क के साथ-साथ पुलिस की भूमिका पर भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। अब सभी की नजर जांच की दिशा और आने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।











