फरीदाबाद: फरीदाबाद के दयालपुर गांव का करीब 6 एकड़ में फैला ग्रामीण खेल स्टेडियम कभी खिलाड़ियों की पहचान हुआ करता था. यहां से कई खिलाड़ी जूडो, कबड्डी और कुश्ती में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं. लेकिन आज यही मैदान बदहाली से जूझ रहा है. ट्रैक जगह-जगह खराब है, चारों तरफ बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उगी हैं. खिलाड़ियों का कहना है कि यहां अक्सर सांप दिखाई देते हैं. शाम और सुबह के समय रोशनी की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है. Local18 जब मौके पर पहुंचा तो मुख्य गेट लगाने का काम चल रहा था. ग्रामीणों के मुताबिक यह गेट करीब दो साल से टूटा पड़ा था.
गांव से निकले हैं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
पदम सिंह बताते हैं, हमारा दयालपुर गांव खिलाड़ियों का गांव है. दयालपुर गांव के ग्रामीण स्टेडियम ने फरीदाबाद को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं. इस मैदान से निकले खिलाड़ियों ने जूडो, कबड्डी और आर्चरी में जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई है. इनमें परविंदर हुड्डा जूडो में एशियन गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं, जबकि सरदार इंटरनेशनल कबड्डी में पदक जीत चुके हैं. कल्पना ने आर्चरी के वर्ग में नेशनल स्तर पर पदक जीता है. वहीं वीरभान और टीटू हुड्डा ने जूडो में नेशनल स्तर पर अपनी पहचान बनाई है.
ग्रामीणों का कहना है कि सुविधाएं बेहतर हों तो यह मैदान आने वाले समय में और भी कई खिलाड़ी तैयार कर सकता है. बड़े दुर्भाग्य की बात है कि जिस स्टेडियम ने इतने खिलाड़ी दिए, आज उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है. मेन गेट करीब दो साल से टूटा था, अब लगाया जा रहा है. अंदर आवारा पशु भी घूमते रहते हैं. बारिश से पहले गांव के खिलाड़ियों ने खुद ट्रैक की जुताई की थी. सुविधाओं के अभाव में नए खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं.
खराब ट्रैक पर दौड़ने से खिलाड़ियों को चोट का डर
मनीष बताते हैं, ट्रैक पर जगह-जगह गड्ढे हैं, जिससे दौड़ते समय पैर मुड़ने का खतरा रहता है. किनारों पर घास बहुत ज्यादा है और उसमें जहरीले कीड़े या सांप निकलने का डर बना रहता है. यहां कई बार सांप दिखाई दे चुके हैं. ट्रैक को पक्का और सुरक्षित बनाया जाना चाहिए, ताकि बच्चों को अभ्यास के दौरान परेशानी न हो.
घास के बीच सांप निकलने से बच्चों में डर
प्रिंस बताते हैं, मैं 11वीं कक्षा में पढ़ता हूं और रोज इस स्टेडियम में अभ्यास करने आता हूं. मैदान के एक तरफ बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है और वहां काफी अंधेरा रहता है. ट्रैक पर भी गड्ढे हैं. घास की सफाई होनी चाहिए और लाइट की व्यवस्था बढ़ाई जानी चाहिए. सांप घास के बीच से निकलते हैं, जिससे बच्चों में डर बना रहता है.
स्टेडियम की नियमित देखभाल की उठी मांग
राजेश कुमार बताते हैं, यह बहुत पुराना स्टेडियम है और यहां से देश-विदेश में नाम कमाने वाले पहलवान निकले हैं. हमारा गांव कबड्डी और जूडो के लिए भी जाना जाता है. अभी मैदान में झाड़ियां खड़ी हैं, ट्रैक खराब है और सुविधाओं की कमी है. बच्चों के दौड़ने के दौरान कीड़े-कांटे निकल आते हैं. इसकी नियमित देखभाल के लिए कोई कर्मचारी होना चाहिए, जो स्टेडियम की सुरक्षा और सफाई संभाल सके.
घास हटाने के लिए दवा का किया जा रहा छिड़काव
मंटोस कुमार बताते हैं, स्टेडियम में सांप अक्सर निकलते रहते हैं और बड़ी घास की वजह से समस्या ज्यादा है. किसी संगठन की तरफ से मुझे घास पर दवा छिड़कने के लिए कहा गया है. सुबह से करीब 10 से 12 टंकी दवा डाल चुके हैं. इससे घास-फूस सूख जाएगी और मैदान साफ दिखाई देने लगेगा. स्टेडियम की सफाई समय-समय पर होती रहे, तभी खिलाड़ियों के लिए माहौल सुरक्षित बन सकेगा.













