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Jind Hydrogen train: पीएम मोदी ने जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ‘नमो ग्रीन ट्रेन’ को हरी झंडी दिखाई. यह प्रदूषण मुक्त ट्रेन हाइड्रोजन से चलेगी. सोनीपत और जींद के बीच फिलहाल, इसे चलाया जा रहा है और दिल्ली के लिए टेस्टिंग जारी है. महज 5 रुपये से 25 रुपये का किराया रखा गया है.
हरियाणा की धरती से देश को पहली हाईड्रोजन ट्रेन मिल गई है.
जींद. हरियाणा की धरती से देश को पहली हाईड्रोजन ट्रेन मिल गई है. पीएम मोदी जींद के रेलवे स्टेशन से नमो ग्रीन ट्रेन को रवाना किया. अहम बात है कि इस ट्रेन से कोई प्रदूषण नहीं होगा और यह हाईड्रोजन से चलेगी. पीएम नरेद्र मोदी ने करीब सवा 11 बजे शुक्रवार को ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. गौर रहे कि यह दुनिया की सबसे पावरफुल हाईड्रोजन ट्रेन है, जिसकी स्पीड 110 किमी प्रति घंटा है.
जानकारी के अनुसार, अपनी पहली यात्रा पर सोनीपत के लिए निकली हाईड्रोडन ट्रेन में स्कूली बच्चे भी सवार हुए हैं. इस ट्रेन को चलाने के लिए जींद में ही हाईड्रोजन प्लांट बनाया गया गया है. इस ट्रेन के संचालन के दौरान पानी भाप के रूप में निकलेगा. इस दौरान राज्यपाल महामहिम प्रो. असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव साथ में मौजूद रहे. गौर रहे कि इस पूरे इवेंट को ईको फ्रैंडली बनाया गया था और सीएम भी मौके पर ई-व्हीकल में पहुंचे थे और लोगों से भी पेट्रोल डीजल गाड़ियों को मौके पर ना लाने की अपील की गई थी.
रेलमंत्री अश्विनी वैश्नव ने ट्रेन की रवानगी के बाद जनसभा स्थल में कहा कि आज यह दिन उपलब्धि का दिन है और भारत दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जहां पर हाईड्रोजन की तकनीक मौजूद है. उन्होंने कहा कि पानी से हाईड्रोजन बनती है और बिजली बनती है और फिर ट्रेन चलती है. रेलमंत्री ने कहा कि इस ट्रेन से कोई प्रदूषण नहीं होता है और इस उपलब्धि के लिए वह पीएम मोदी और भारत के इंजीनियर को सलाम करते हैं. उन्होंने कहा कि सोनीपत ट्रेन चलेगी. रेलमंत्री अश्विनी वैश्नव ने कहा कि सोनीपत से दिल्ली के लिए टेस्टिंग चल रही है और जल्द ही दिल्ली के लिए भी चलेगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने हरियाणा को महज 350 करोड़ रुपये दिए थे. लेकिन हमारी सरकार ने 11 गुना पैसा दिया है और 18 रेलवे स्टेशन पर काम चल रहा है और पांच स्टेशन बन चुके हैं. 16 वंदे भारत ट्रेनें हरियाणा में चलाई जा रही है.
कब चली थी पहली ट्रेन
गौर रहे कि दुनिया में सबसे पहली हाइड्रोजन ट्रेन जर्मनी में चलाई गई थी. इसे फ्रांस की कंपनी एल्स्टॉम ने बनाया था. ‘कोराडिया आईलिनट’ नामक इस ट्रेन को 2022 में पहली बार चलाया गया था. हालांकि, 2018 में जर्मनी के लोअर सैक्सोनी में पहली बार सफल परीक्षण किया गया था. जर्मनी के बाद चीन ने 2022 में पहली शहरी हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन किया था. नासा ने साल 1976 में पहली बार इस तकनीक का इस्तेमाल किया था.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें












