हरियाणा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक नई पहल करने जा रही है। पंचायती राज विभाग द्वारा प्रदेश में 10 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश के 111 गांवों में एक-एक स्मार्ट गली का निर्माण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य गांवों की मुख्य गलियों को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाना है, ताकि ग्रामीणों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यालय स्तर से सभी जिलों के जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और पंचायती राज विभाग के संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक जिले में ऐसी मुख्य गलियों की पहचान की जाए, जहां आवागमन सबसे अधिक रहता हो और गली की चौड़ाई निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। चयनित गलियों को आधुनिक डिजाइन के तहत विकसित किया जाएगा, ताकि वे मॉडल स्मार्ट गली के रूप में अन्य गांवों के लिए उदाहरण बन सकें।
स्मार्ट गलियों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
इस योजना के अंतर्गत बनने वाली स्मार्ट गलियों में आधुनिक स्ट्रीट लाइटिंग, पैदल चलने के लिए फुटपाथ, हरियाली बढ़ाने के लिए पौधारोपण, आकर्षक पेवर ब्लॉक और बेहतर नाली एवं सीवरेज व्यवस्था की जाएगी। गलियों को इस तरह से विकसित किया जाएगा कि वे न केवल आवागमन के लिहाज से सुविधाजनक हों, बल्कि देखने में भी सुंदर और आकर्षक नजर आएं। विभागीय अधिकारी फिलहाल गांवों में उपयुक्त गलियों के चयन की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं।
कैथल और हिसार में बनेंगी सबसे ज्यादा स्मार्ट गलियां
योजना के तहत सबसे अधिक स्मार्ट गलियों का निर्माण कैथल जिले के 13 गांवों और हिसार जिले के 12 गांवों में किया जाएगा। इसके बाद नूंह जिले में 12, पलवल में 10, करनाल में 9 और भिवानी में 8 गांवों को योजना में शामिल किया गया है। फतेहाबाद और जींद में 7-7 गांवों में स्मार्ट गलियां बनाई जाएंगी। वहीं झज्जर में 5, फरीदाबाद, पानीपत और रोहतक में 4-4, सिरसा में 3 तथा चरखी दादरी, पंचकूला, सोनीपत और यमुनानगर में 2-2 गांवों को इस पायलट प्रोजेक्ट का लाभ मिलेगा। अंबाला, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में 1-1 गांव में स्मार्ट गली का निर्माण किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद भविष्य में इसे अन्य गांवों में भी लागू किया जा सकता है, जिससे हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर समग्र विकास को गति मिलेगी।











