Last Updated:
Hydrogen Train: हरियाणा के जींद से शुरू हुई देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में यात्री कम मिल रहे हैं. 2600 की क्षमता के बावजूद रोजाना सिर्फ 80 लोग यात्रा कर रहे हैं. रेलवे रूट बढ़ाने पर विचार कर रहा है. बीते माह जुलाई में इस ट्रेन का आगाज हुआ था और दुनिय़ा की सबसे लंबी हाईड्रोजन ट्रेन यह है.
देश के कई अन्य अहम रेल रूटों पर भी हाइड्रोजन ट्रेन चलाने पर विचार किया जा रहा है.
सोनीपत. हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन का आगाज हा था. 17 जुलाई को जींद से इस ट्रेन ने अपनी पहली यात्रा की. हालांकि, अब इस ट्रेन में यात्रा करने के लिए लोग रुचि नहीं दिखा रहे हैं और रोजाना महजह 80 ही लोग इसमें यात्रा कर रहे हैं, जबकि ट्रेन की क्षमता 2600 यात्रियों के बैठने की है.
विश्व की सबसे लंबी औरक शक्तिशाली हाईड्रोजन ट्रेन सप्ताह में 6 एक चक्कर लगाती है. लेकिन रोजाना औसतन मात्र 80 यात्री ही सफर कर रहे हैं. गौर रहे कि करीब 89 किमी लंबे रूट पर जींद-गोहाना-सोनीपत के बीच हाईड्रोजन ट्रेन चलती है.
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई से लेकर 20 अगस्त तक एक महीने में मात्र 26 दिन ही प्रतिदिन 80 लोगों ने सफर किया. 17 जुलाई को जींद के पांडु-पिंडारा स्टेशन देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ किया गया था.
20 जुलाई से 20 अगस्त तक एक महीने में सोनीपत से गोहाना के लिए 507 तो जींद के लिए 538 लोगों ने यात्रा की और इतने ही लोग इस ट्रेन के जरिये जींद से गोहाना व सोनीपत पहुंचे हैं. एक महीने में यह ट्रेन अपनी कैपेसिटी के बराबर 2600 का आंकड़ा तक नहीं छू सकी है. गौर रहे कि रेलवे के अधिकारी यात्रियों की कमी से निपटने के लिए इसका रूट जींद-गोहाना-सोनीपत से दिल्ली तक करने की योजना बना रहे हैं.
दैनिक जागरण ने पुष्पेश रमण त्रिपाठी, डीआरएम, दिल्ली मंडल के हवाले से लिखा कि हाइड्रोजन ट्रेन की स्पीड और दूरी बढ़ाने के लिए टेक्निकल ट्रायल चल रहे हैं. ट्रायल के सफल समापन की रिपोर्ट के आधार पर आगे के फैसले लिए जाएंगे. जल्द ही इसका रूट बढ़ाने पर विचार किया जाएगा.
- 10-कार वाली हाइड्रोजन ईंधन सेल-आधारित ट्रेन.
- 1200 KW हाइड्रोजन ईंधन सेल प्रणोदन प्रणाली से संचालित.
- 110 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के साथ 75 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति.
- लगभग 2,600 यात्री क्षमता. प्रोटोटाइप निर्माण के माध्यम से डिजाइन चरण से विकसित.
- यह मध्यवर्ती स्टेशनों की सेवा करते हुए जींद जंक्शन, गोहाना जंक्शन और सोनीपत को जोड़ती है.
- प्रस्तावित हॉल्ट में जींद सिटी, पांडु पिंडारा जंक्शन, ललित खेड़ा हॉल्ट, भांभेवा, ईसापुर खीरी हॉल्ट, ब्यूटेन हॉल्ट, खंडराई हॉल्ट, रबरा हॉल्ट, लठ हॉल्ट, मोहना, बड़वासनी हॉल्ट और सोनीपत न्यू शामिल हैं.
क्यों खाली दौड़ रही है ये ट्रेन
जींद-सोनीपत रूट पर पहले से ही कई ट्रेनों चलती हैं और इस वजह से यात्रियों के पास कई विकल्प मौजूद हैं. जींद-सोनीपत रेल रूट पर हाइड्रोजन ट्रेन के अलावा पहले से ही तीन पैसेंजर और एक एक्सप्रेस ट्रेन चलती है और पहली पैसेंजर ट्रेन सुबह 6:15 बजे जींद जंक्शन से रवाना होती है. फिर बाद में सुबह 7:40 बजे हाइड्रोजन ट्रेन सोनीपत के लिए चलती है.
पांच रुपये से 25 रुपये तक किराया
उधर, सोनीपत-गोहाना रूट पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए हाल्ट वीरान पड़े हैं. रभड़ा, लाठ और बड़वासनी हाल्ट पर यात्रियों के लिए टिकट लेने की व्यवस्था तक नहीं है. इन तीनों हाल्ट पर रेलवे की तरफ से टिकट देने के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं है. सोनीपत और गोहाना के बीच केवल मोहान स्टेशन पर टिकटिंग की व्यवस्था है. यहां पर ट्रेन का ठहराव लगभग एक-दो मिनट होता है. अहम बात है कि इस ट्रेन में कम से कम किराया पांच रुपये और अधिकतम किराया 25 रुपये रखा गया है.
About the Author

Vinod Kumar Katwal is a Senior journalist with over 14 years of experience across print and digital media. He currently serves as a Senior Correspondent at News 18 Hindi, leading Himachal Pradesh, Chandigarh an…
और पढ़ें











