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Haryana Sanitation workers Strike: हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल दोफाड़ हुई. सरकार ने पालिका रोल के कर्मचारियों को 2,000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता देने का फैसला किया. 300 से अधिक कर्मचारी काम पर लौट आए हैं.
सोनीपत के गोहाना में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल. (File Photo)
चंडीगढ़. हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल दोफाड़ हो गई है. यहां पर करीब 357 कर्मचारी हड़ताल छोड़कर काम पर लौट आए हैं. उधर, हरियाणा सरकार ने नगरपालिकाओं में कार्यरत पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने अब प्रति कर्मचारी 2,000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता देने का निर्णय लिया है. यह लाभ पहले दिए जाने वाले प्रदर्शन आधारित वार्षिक प्रोत्साहन के स्थान पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा.
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से 7 सितंबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक यह जोखिम भत्ता उन सभी कर्मचारियों को मिलेगा, जो वर्तमान में अपनी ड्यूटी कर रहे हैं. वहीं, हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों को यह भत्ता ड्यूटी दोबारा ज्वाइन करने के बाद दिया जाएगा.
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि सरकार हर कदम पर अपने सफाई कर्मचारियों के साथ खड़ी है. उन्होंने बाकी कर्मचारियों से भी जल्द काम पर लौटकर प्रदेश की स्वच्छता व्यवस्था में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की.
नगरपालिका अपने फंड से करेगी भुगतान
सरकार के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जोखिम भत्ते का पूरा खर्च संबंधित नगरपालिका को अपने स्वयं के फंड से वहन करना होगा. इस मद में राज्य सरकार की ओर से किसी प्रकार का अनुदान, ऋण या वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं कराई जाएगी. आदेश में प्रदेश की सभी नगर निगमों के आयुक्तों, जिला नगर आयुक्तों तथा नगर परिषदों और नगर समितियों के कार्यकारी अधिकारियों एवं सचिवों को इन निर्देशों का पूरी तरह पालन करने को कहा गया है.
दादरी में चेतावनी
चरखी दादरी में आंदोलनरत कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त किए जाने के आदेश पर चरखी दादरी नगर परिषद सफाई कर्मचारियों ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे दमनकारी कदम बताया है. हड़ताल पर कई कर्मचारी व अन्य संगठनों ने समर्थन करते हुए आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया. यूनियन के प्रधान सूरज कुमार ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वार्ता के दौरान मानी गई मांगों पर अधिसूचना जारी करने से बच रही है, जबकि आवाज उठाने वाले कर्मचारियों को टर्मिनेट कर डराने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि कर्मचारी किसी भी दबाव में आंदोलन वापस नहीं लेंगे. यूनियन ने सरकार से मांग की है कि टर्मिनेट किए गए सभी सफाई कर्मचारियों की सेवाएं तुरंत बहाल की जाएं तथा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई वापस ली जाए.
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Vinod Kumar Katwal is a Senior journalist with over 14 years of experience across print and digital media. He currently serves as a Senior Correspondent at News 18 Hindi, leading Himachal Pradesh, Chandigarh an…
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