अंबाला: खेती में बढ़ती लागत और मौसम की मार के बीच अगर कोई किसान कमाई का नया जरिया तलाश रहा है तो मछली पालन उसके लिए बेहतर विकल्प बन सकता है. खासकर अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के किसानों के लिए हरियाणा में सरकार की ओर से ऐसी योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत किसान अपने गांव के पंचायती तालाब को पट्टे पर लेकर मछली पालन का काम शुरू कर सकते हैं. खास बात यह है कि योजना के तहत किसान को सिर्फ मछली पालन के लिए ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े कई कामों के लिए भी सब्सिडी का लाभ दिया जाता है.
8 साल के लिए पट्टे पर ले सकते हैं पंचायती तालाब
दरअसल, इस योजना के तहत किसान अपने गांव के पंचायती तालाब को 8 साल के लिए पट्टे पर ले सकता है. इसके बाद मत्स्य विभाग की ओर से योजना के तहत पांच साल तक आर्थिक सहायता दी जाती है. बता दें कि किसान को तालाब का इस्तेमाल करने के साथ-साथ मछली पालन का व्यवसाय खड़ा करने के लिए सरकारी मदद भी मिलती है. इससे गांव के तालाबों का बेहतर उपयोग होने के साथ उनकी साफ-सफाई और रखरखाव भी बना रहता है.
SC किसानों को मिलती है पट्टे की राशि पर सब्सिडी
वहीं, अंबाला मत्स्य विभाग की मत्स्य अधिकारी रूबी ने बताया कि विभाग की ओर से SC Welfare Scheme के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को लाभ दिया जाता है. उन्होंने बताया कि किसान जब पंचायती तालाब को पट्टे पर लेता है तो पहले साल पंचायत को पट्टे के रूप में जितनी राशि का भुगतान करता है, उसका 50 प्रतिशत विभाग की ओर से लाभ के रूप में दिया जाता है. इसके बाद अगले चार वर्षों तक किसान को 40 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है. इस तरह शुरुआती वर्षों में तालाब से मछली पालन शुरू करने वाले किसान को विभाग की ओर से आर्थिक सहयोग मिलता रहता है.
खाद और मछली के चारे पर 90 हजार रुपये तक की सब्सिडी
उन्होंने कहा कि योजना की खासियत यह है कि इसमें मछली पालन से जुड़े दूसरे खर्चों के लिए भी सहायता का प्रावधान रखा गया है. मत्स्य अधिकारी के अनुसार, तालाब में मछली पालन के लिए खाद-खुराक पर एक हेक्टेयर के लिए 90 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है. वहीं, मछली पकड़ने के लिए जाल खरीदने पर 24 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलती है.
मछली बेचने के लिए रेहड़ी और बाइक पर भी मदद
किसान अगर खुद मछली बेचने का काम शुरू करना चाहता है और रेहड़ी लगाता है तो उसके लिए 36 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है. इसके अलावा मछली पालन से जुड़े काम के लिए मोटरसाइकिल खरीदने पर 45 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है.
सरल पोर्टल से कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान हरियाणा सरल पोर्टल या मत्स्य विभाग हरियाणा के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है. आवेदन के बाद विभाग की ओर से किसान को बुलाकर उसके दस्तावेज और पात्रता की जांच की जाती है. पात्रता पूरी होने के बाद योजना के तहत निर्धारित लाभ दिया जाता है.
आवेदन के लिए इन दस्तावेजों की पड़ सकती है जरूरत
उन्होंने कहा कि आवेदन के दौरान आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, पंचायती तालाब का लीज एग्रीमेंट और जरूरत के अनुसार जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज मांगे जा सकते हैं. उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से केवल सब्सिडी ही नहीं, बल्कि मछली पालन को लेकर किसानों को जरूरी मार्गदर्शन भी दिया जाता है.
विभाग किसानों को देता है मछली पालन की जानकारी
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद फिशिंग ऑफिसर किसान को मछली पालन, प्रोजेक्ट और आगे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हैं. ऐसे में खेती के साथ अतिरिक्त आमदनी का रास्ता तलाश रहे SC वर्ग के किसान इस योजना के जरिए मछली पालन का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं.
पंचायती तालाब और सब्सिडी से बना सकते हैं रोजगार का साधन
पंचायती तालाब का पट्टा, सरकारी सब्सिडी और विभागीय मार्गदर्शन, इन तीनों के जरिए किसान मछली पालन को गांव में अपने रोजगार का मजबूत साधन बना सकता है. उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ देने के लिए विभाग गांव-गांव में कैंप लगा रहा है और किसानों को योजनाओं से जोड़ने का काम कर रहा है.












