हरियाणा में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि आयुष औषधालय सुरक्षित, सस्ते और सुलभ उपचार के माध्यम से स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसी सोच के तहत प्रदेश सरकार ने पूरे हरियाणा में राजकीय आयुष औषधालय खोलने का निर्णय लिया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फिलहाल प्रदेश के पांच जिलों में 26 नए आयुष औषधालय खोलने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही शेष जिलों में भी आवश्यक मैपिंग कर जल्द ही आयुष औषधालय स्थापित किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों को आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और अन्य पारंपरिक उपचार पद्धतियों का लाभ मिल सके।
आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। जरूरत के अनुसार नए अस्पताल खोले जा रहे हैं और आमजन को सस्ती दरों पर दवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। आयुष औषधालय इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सीमित रहती है।
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार रेवाड़ी जिले के लिसान, करवारा मानकपुर, रोहड़ाई, जयसिंहपुरा और झाबुवा गांवों में आयुष औषधालय खोले जाएंगे। महेंद्रगढ़ जिले के सुरजनवास, गुढ़ा, बुचावास, बावनिया, रामबास और रसूलपुर गांवों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। वहीं करनाल जिले के फफड़ाना गांव में नया आयुष औषधालय स्थापित किया जाएगा।
इसके अलावा कुरुक्षेत्र जिले के अजराना कला, कालसा, नलवी और मोहरी गांवों में भी आयुष औषधालय खुलेंगे। यमुनानगर जिले के महियुद्दीनपुर, रतनगढ़, भांगड़ा, तलकपुर, खुर्दबन, ताजेवाला, हड़ौली, लेडी, कोट बासवा सिंह और डारपुर गांव में भी राजकीय आयुष औषधालय खोलने का निर्णय लिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में आयुष पद्धति को लगातार बढ़ावा दे रही है और आयुष सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र में आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश सरकार जनता की सेहत सुधारने और हर व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।










