‘बहुत शर्मिंदा हूं पापा की अस्थियां अच्छे से विसर्जन करना’, अंतिम संस्कार छोड़ो अस्थि विसर्जित में भी नहीं आईं बेटियां

On: August 12, 2026 5:14 PM
Follow Us:

Last Updated:

Sonipat Latest News: हरियाणा के सोनीपत के वृद्धाश्रम में हुई एक बुजुर्ग की मौत ने पूरे समाज को चिंतित कर दिया है. जहां उसकी तीनों बेटियां न तो अंतिम संसकार में आई और न ही अस्थि विसर्जन में शामिल हुई. आइए जानते हैं पूरा मामला.

Amazon Prime DayTop Deals Inside

अंतिम संस्कार छोड़ो अस्थि विसर्जित में भी नहीं आईं बेटियांZoom

मृतक कपड़ा व्यापारी शिवचरण राम रतन गुप्ता.

सोनीपत: हरियाणा में सोनीपत के वृद्धाश्रम में कपड़ा व्यापारी शिवचरण राम रतन गुप्ता की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है. आज हरिद्वार में शिवचरण गुप्ता की अस्थियों का विसर्जन किया गया. खास बात यह रही कि उनकी तीनों बेटियां अस्थि विसर्जन में भी शामिल नहीं हुईं. वहीं सोशल मीडिया के जरिए भाई की मौत की जानकारी मिलने के बाद उनके बड़े भाई महेंद्र गुप्ता हरिद्वार पहुंचे और अंतिम रस्में निभाईं. महेंद्र गुप्ता का कहना है कि उन्होंने करीब 10 साल पहले ही अपने भाई को मृत मान लिया था. उनका मानना था कि नेपाल में आए भूकंप के दौरान उनके भाई की मौत हो गई होगी.

मिली जानकारी के अनुसार, सोनीपत के वृद्धाश्रम में रहने वाले कपड़ा व्यापारी शिवचरण राम रतन गुप्ता की मौत के बाद आज हरिद्वार में उनकी अस्थियों का विसर्जन किया गया. शिवचरण गुप्ता की तीन बेटियां हैं, लेकिन अंतिम संस्कार के बाद अब अस्थि विसर्जन में भी कोई बेटी हरिद्वार नहीं पहुंची.

शिवचरण गुप्ता के बड़े भाई महेंद्र गुप्ता सोशल मीडिया के जरिए भाई की मौत की जानकारी मिलने के बाद हरिद्वार पहुंचे. महेंद्र गुप्ता ने बताया कि वह सात भाई-बहनों में बड़े हैं और पिछले करीब 10 साल से शिवचरण और उसके परिवार से उनका कोई संपर्क नहीं था. उन्होंने बताया कि नेपाल में आए भूकंप के दौरान उन्हें लगा था कि शायद शिवचरण की मौत हो गई है और तभी से उन्होंने भाई को मृत मान लिया था.

जब सोशल मीडिया के जरिए उन्हें शिवचरण की मौत की सच्चाई पता चली तो वह हरिद्वार पहुंचे और अस्थि विसर्जन की अंतिम रस्में निभाईं. इस दौरान सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग भी उनके साथ मौजूद रहे.

वहीं, वृद्धाश्रम प्रबंधन ने शिवचरण की बड़ी बेटी से दोबारा बातचीत की. बेटी ने कहा कि अस्थियों का अच्छे से विसर्जन कर दिया जाए. उसने वृद्धाश्रम प्रबंधन से कहा कि आप मेरे पिता के छोटे भाई समझकर पूरी रस्में निभा देना. बेटी ने यह भी कहा कि अगर उसकी तबीयत ठीक होती तो वह खुद हरिद्वार जरूर आती. बड़ी बेटी ने कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बहुत शर्मिंदा हैं और वो अपने पिता से बहुत प्यार करती थीं, लेकिन उनकी कुछ मजबूरियां रही होंगी.

बेटी के मुताबिक, उनके पिता उनके पास रहने के लिए तैयार नहीं थे. बेटियों ने अंतिम रस्मों की जिम्मेदारी वृद्धाश्रम प्रबंधन को सौंप दी है. बेटी ने वृद्ध आश्रम प्रबंधन आनंद कुमार को अस्थि विसर्जन के बाद हवन और कन्याओं को भोजन करवाने की बात भी कही. वहीं बेटियां अपने घर पर तेरहवीं की रस्म करवाएंगी. इस पूरे मामले में शिवचरण गुप्ता के बड़े भाई महेंद्र गुप्ता ने भी बेटियों की मजबूरी को समझने की बात कही.

उन्होंने कहा कि बेटियों की भी कोई मजबूरी रही होगी. बेटियों के नहीं पहुंचने के बीच बड़े भाई और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों ने अंतिम रस्में निभाईं. अंतिम संस्कार के बाद अब अस्थि विसर्जन की जिम्मेदारी भी संस्था और समाजसेवियों ने निभाई. इस पूरे मामले ने एक बार फिर परिवार के रिश्तों और बुजुर्गों के प्रति जिम्मेदारियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

About the Author

authorimg

Abhijeet ChauhanSub-Editor

अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…

और पढ़ें

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now