Haryana: हरियाणा में मूंग की खेती पर मिलेंगे प्रति एकड़ 1 हजार रुपये, ऐसे उठाएं लाभ

On: April 23, 2026 8:51 AM
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Haryana News: हरियाणा में गेहूं की कटाई लगभग समाप्त हो चुकी है और अब खेत खाली पड़े हैं। ऐसे में कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अगले दो महीनों के लिए ग्रीष्मकालीन मूंग की खेती अपनाकर अतिरिक्त आय कमा सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, मूंग की खेती किसानों के लिए “बोनस फसल” साबित हो सकती है, जिससे प्रति एकड़ 40,000 से 50,000 रुपये तक का मुनाफा संभव है।

समय पर बुवाई से होगा फायदा

कुरुक्षेत्र के क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर डॉ. शशि पाल शर्मा ने बताया कि गेहूं की कटाई के तुरंत बाद मूंग की बुवाई करना सबसे उपयुक्त समय होता है। इससे फसल अच्छी होती है और किसानों को बेहतर उत्पादन मिलता है।

मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ती है

मूंग की खेती सिर्फ कमाई का जरिया नहीं है, बल्कि यह मिट्टी के लिए भी फायदेमंद है। इसे “ग्रीन खाद” के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।

करीब 45 दिन बाद फसल को मिट्टी में मिलाने से पोषक तत्व बढ़ते हैं। अगली फसल में खाद का खर्च कम होता है। पैदावार में सुधार देखने को मिलता है।

प्रति एकड़ 1000 रुपये का अनुदान

राज्य सरकार किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति एकड़ 1000 रुपये की सब्सिडी भी दे रही है। इसके लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। बीज खरीदने का पक्का बिल अपलोड करना जरूरी है। कृषि अधिकारी खेत का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद अनुदान राशि सीधे खाते में भेजी जाएगी।

बीज खरीदते समय रखें ध्यान

सरकारी बीज केंद्र से बीज लेना बेहतर है। यदि निजी दुकान से खरीदें, तो पक्का बिल जरूर लें। बिल अपलोड करना अनुदान पाने के लिए अनिवार्य है।

किसानों के लिए बेहतर विकल्प

विशेषज्ञों का मानना है कि मूंग की खेती कम समय में अच्छा लाभ देने वाली फसल है। इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ती है, बल्कि भूमि की गुणवत्ता भी सुधरती है।

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वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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