हरियाणा में इस साल गर्मी ने मई महीने में ही विकराल रूप धारण कर लिया है। प्रदेश के कई जिलों में आसमान से आग बरस रही है और लगातार चल रही लू ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने हरियाणा में पहली बार भीषण लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने की फिलहाल कोई संभावना नहीं है।
रोहतक मंगलवार को प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा सिरसा में 46.4 डिग्री, फरीदाबाद में 46 डिग्री, हिसार में 45.3 डिग्री और जींद में 45.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा के कम से कम सात प्रमुख शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंच चुका है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के विशेष बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश में अगले पांच से छह दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। 19 मई से 25 मई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में तीव्र हीटवेव का असर जारी रहने की संभावना है। खासकर दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 25 मई से नौतपा शुरू होने के बाद गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है।
अम्बाला में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री, करनाल में 44.7 डिग्री और नारनौल में 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं गुरुग्राम में भी तापमान 44.6 डिग्री तक पहुंच गया। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लू और तेज गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी के मामले बढ़ सकते हैं। लोगों को लगातार पानी पीने, ओआरएस, लस्सी, नींबू पानी और छाछ का सेवन करने की सलाह दी गई है। बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और सिर को ढककर रखने की अपील भी की गई है।
गर्मी का असर अब रातों में भी देखने को मिल रहा है। भिवानी में न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबाला में रात का तापमान 29.8 डिग्री तक पहुंच गया। दूसरी तरफ यमुनानगर के हथनीकुंड बैराज क्षेत्र में सबसे कम न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने किसानों और पशुपालकों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है। किसानों को सुबह या शाम के समय ही सिंचाई करने की सलाह दी गई है। वहीं अगले तीन दिनों तक कपास की बुवाई टालने को कहा गया है। पशुपालकों को जानवरों को ठंडे स्थान पर रखने और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव नहीं हुआ तो प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।













