Haryana News: देश के विभिन्न हिस्सों में कोचिंग सेंटरों, होटलों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में आग लगने की घटनाओं के बाद प्रशासन और दमकल विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। दिल्ली और लखनऊ में हाल ही में हुई बड़ी घटनाओं के मद्देनजर पानीपत प्रशासन ने जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों, अस्पतालों और होटलों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू कर दी है।
निरीक्षण के दौरान सामने आए शुरुआती आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जांच में पाया गया कि जिले के करीब 90 प्रतिशत कोचिंग सेंटर, होटल और अन्य संस्थानों के पास दमकल विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं है। वहीं जिन संस्थानों के पास NOC मौजूद है, उनमें से कई जगहों पर फायर फाइटिंग सिस्टम या तो काम नहीं कर रहा या बेहद पुराना और जर्जर हो चुका है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित हुईं विशेष कमेटियां
उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि हाल ही में दिल्ली और लखनऊ में हुई घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले के सभी व्यावसायिक, शैक्षणिक संस्थानों, होटलों और अस्पतालों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र के लिए संयुक्त आयुक्त की अध्यक्षता में तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में विशेष समितियां गठित की गई हैं। ये समितियां संस्थानों का निरीक्षण करेंगी और जहां भी नियमों का उल्लंघन या सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलेगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एग्जिट प्लान तैयार और चालू रखना जरूरी
उपायुक्त ने संस्थानों के संचालकों से अपील करते हुए कहा कि हर संस्थान में आपातकालीन निकास योजना (एग्जिट प्लान) तैयार और हर समय संचालित स्थिति में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई हादसों में बंद पड़े निकास द्वार लोगों की जान पर भारी पड़ते हैं। इसलिए आपात स्थिति में बाहर निकलने के सभी रास्ते खुले और सुगम होने चाहिए।
18 कोचिंग सेंटर निशाने पर, अधिकांश बिना NOC के
जिला दमकल अधिकारी गुरमेल सिंह ने बताया कि विभाग ने अब तक 18 कोचिंग सेंटरों को चिन्हित किया है, जिनमें से अधिकांश के पास फायर विभाग की NOC नहीं है। कई कोचिंग सेंटर अत्यधिक संकरे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में संचालित हो रहे हैं, जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि कई संस्थानों के बाहर बड़े-बड़े फ्लेक्स बोर्ड बिजली की तारों के बेहद करीब लगाए गए हैं, जो आग लगने की स्थिति में गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। फ्लेक्स अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री होती है और आग लगने पर कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले सकती है।
61 होटलों और 20 अस्पतालों को जारी किए नोटिस
दमकल विभाग ने जिले के 61 होटलों और करीब 20 अस्पतालों को सुरक्षा मानकों में कमियां पाए जाने पर नोटिस जारी किए हैं। विभाग के अनुसार कई अस्पतालों में स्थापित फायर सिस्टम काम नहीं कर रहे, जबकि कई जगह उपकरण पुराने और खराब हालत में हैं।
दमकल अधिकारी ने बताया कि जिले में लगभग 25 से 30 अस्पतालों के पास फायर NOC तो है, लेकिन कई संस्थानों के कर्मचारियों को फायर फाइटिंग सिस्टम के संचालन की जानकारी तक नहीं है।
मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण पर जोर
दमकल विभाग ने अस्पतालों, होटलों और अन्य संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने कर्मचारियों को फायर फाइटिंग उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दें और हर 15 दिन या महीने में कम से कम एक बार मॉक ड्रिल आयोजित करें, ताकि आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
तीसरे नोटिस के बाद होगी सीलिंग की कार्रवाई
गुरमेल सिंह ने बताया कि फिलहाल संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यदि निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर नहीं की गईं तो तीसरे नोटिस के बाद संस्थानों को सील करने की सिफारिश महानिदेशक, फायर सर्विसेज को भेजी जाएगी।













