Last Updated:
अंबाला के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन कार ब्लास्ट मामले में NIA ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी समेत 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. जांच में खुलासा हुआ है कि भट्टी ने भारत में ऑपरेशनल मॉड्यूल तैयार कर स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस स्टेशन को निशाना बनाने की साजिश रची थी.
अंबाला पुलिस स्टेशन कार ब्लास्ट केस में एनआईए ने चार्जशीट दाखिल कर दी है.
नई दिल्ली. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हरियाणा के अंबाला स्थित बलदेव नगर पुलिस स्टेशन कार ब्लास्ट मामले में बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में एनआईए ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी समेत 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. एनआईए ने यह चार्जशीट हरियाणा के पंचकूला स्थित विशेष एनआईए कोर्ट में दाखिल की है. एजेंसी के मुताबिक इस हमले का मकसद पुलिस ठिकाने को निशाना बनाकर लोगों में दहशत फैलाना था.
एनआईए के अनुसार, पाकिस्तान का रहने वाला शहजाद भट्टी इस साजिश का मुख्य मास्टरमाइंड और हैंडलर था. उसके अलावा जिन सात भारतीय आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें करमजीत सिंह उर्फ टोनी, आकाश, सौरेब उर्फ सोबी, रमन कुमार, सत्यम, सुखदेव सिंह उर्फ सुखा और अमरजीत सिंह उर्फ अंबी शामिल हैं. सभी पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.
- जांच में सामने आया है कि शहजाद भट्टी ने भारत में अपना एक ऑपरेशनल नेटवर्क तैयार किया था. स्थानीय लोगों की मदद से उसने न केवल विस्फोटक हासिल किया, बल्कि पुलिस स्टेशन को निशाना बनाने की साजिश रची थी.
- एनआईए के मुताबिक, आरोपी आकाश भारत में भट्टी का सबसे अहम सहयोगी था. वही बाकी आरोपियों के साथ पूरी साजिश को कॉर्डिनेट कर रहा था.
- एनआईए की जांच में यह भी पता चला कि हमले से पहले बलदेव नगर पुलिस स्टेशन की रेकी की गई थी. इसके बाद कुछ आरोपियों ने गैस सिलेंडरों और विस्फोटक से भरी कार पुलिस स्टेशन की पार्किंग में खड़ी कर दी.
- इतना ही नहीं, आरोपियों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया, ताकि उसे दहशत फैलाने के लिए इस्तेमाल कर सकें.
जांच में सामने आई ये खतरनाक बातें
एनआईए का कहना है कि शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए आरोपियों की भर्ती की और उन्हें आतंकी वारदात के लिए अपने साथ किया. डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक और फोरेंसिक सबूतों से यह भी साबित हुआ है कि हमले की पूरी योजना के दौरान सभी आरोपी लगातार अपने पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे. फिलहाल NIA की जांच जारी है. एनआईए का कहना है कि जांच के दौरान भर्ती, फंडिंग, विस्फोटक खरीदने, हमले की तैयारी की एक पूरी कड़ी सामने आई है.
About the Author

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें












