Haryana News: हरियाणा के भिवानी में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 6 अगस्त से प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगें 5 अगस्त तक पूरी नहीं की गईं तो 6 अगस्त से आर-पार की लड़ाई शुरू होगी।
भिवानी के सेक्टर-13 स्थित कम्यूनिटी हॉल में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारियों की संयुक्त रैली आयोजित की गई। रैली में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।
रैली को संबोधित करते हुए नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि यह “समझौता लागू करवाओ, संगठन मजबूत बनाओ” रैली है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्मचारियों के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका कर्मचारी संघ ने 1 मई से और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने 8 अप्रैल से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था।
प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेका प्रथा समाप्त करना और खाली पदों पर स्थायी भर्ती करना शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन की स्थायी भर्ती नहीं की गई, जबकि सफाई व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए इन कर्मचारियों की अहम भूमिका है।
नरेश शास्त्री ने सीवर सफाई के दौरान होने वाली मौतों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हिसार के गंगवा गांव और फरीदाबाद समेत कई स्थानों पर सीवर सफाई के दौरान कर्मचारियों की मौतें हो चुकी हैं। इसके बावजूद मानव द्वारा सीवर सफाई का कार्य जारी है, जबकि इस पर सुप्रीम कोर्ट भी हस्तक्षेप कर चुका है।
मृत्यु होने पर 50 लाख आर्थिक सहायता देने के मांग
उन्होंने मांग की कि अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर उनके परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जाए। इसी प्रकार सीवर सफाई के दौरान किसी कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार को भी 50 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि उनकी 22 सूत्रीय मांगों में से 17 मांगों पर 13 मई को सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच सहमति बनी थी, लेकिन अब तक उन पर अमल नहीं हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि 5 अगस्त तक सरकार ने आदेश जारी कर मांगों को लागू नहीं किया, तो 6 अगस्त से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की जाएगी।
कर्मचारी नेता पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि सरकार द्वारा समझौते के बावजूद पत्र जारी नहीं किए जाने से कर्मचारियों में भारी रोष है। इसी कारण पूरे प्रदेश के जिलों में रैलियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन दिवसीय हड़ताल के बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 8 अगस्त को बैठक कर आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा।
5 अगस्त तक का अल्टीमेटम
फिलहाल कर्मचारियों ने सरकार को 5 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर क्या फैसला लेती है, क्योंकि हड़ताल होने की स्थिति में प्रदेशभर की नगर पालिका और अग्निशमन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।










