कुरुक्षेत्र. हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद की डेहा कॉलोनी में 16 साल के नाबालिग रमन की मौत हो गई. रमन की मौत के बाद परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. परिवार ने पुलिस पर रमन को तीसरी मंजिल से धक्का देने का आरोप लगाया. आदेश मेडिकल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था.
यहां 25-26 अगस्त की रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. रमन की मौत के बाद परिवार और कॉलोनी के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ हंगामा किया. रमन तीन बहनों का इकलौता भाई था. रमन अपने दादा जगदीश के साथ कभी-कभार कूड़ा उठाने का काम करता था. रमन के पिता रीनू की मौत हो चुकी है.
14 अगस्त को दिया धक्का
रमन के मौसा आशु निवासी अंबाला ने बताया कि वह 14 अगस्त की शाम को रमन और अपने साढू लखन निवासी पंचकूला के साथ घर की तीसरी मंजिल पर बैठा था. इसी दौरान दो पुलिसकर्मी वहां पहुंचे. आरोप लगााया कि रमन दीवार पर बैठा हुआ था. इसी दौरान 2 पुलिसकर्मियों आए और रमन को धक्का दे दिया.
पिस्टल निकालने का लगाया आरोप
रमन पड़ोसी की छत पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया. आरोप लगाया कि घटना के बाद उसने पुलिसकर्मियों से बात करने की कोशिश की. पूछ कि वे घर की तीसरी मंजिल तक क्यों और कैसे पहुंचे. आरोप लगाया कि इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने पिस्टल निकाली और पुलिसकर्मी उन दोनों को नीचे ले आए. इसके बाद वे वहां से चले गए.
रमन को तुरंत पहुंचाया अस्पताल
घटना के बाद परिजन रमन को अस्पताल लेकर पहुंचे. हालत गंभीर होने के कारण बाद में उसका इलाज आदेश मेडिकल अस्पताल में चल रहा था. करीब 11 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद रमन ने कल रात दम तोड़ दिया. आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों के छत से धक्का देने के कारण रमन की मौत हुई है.
गवाहों पर दबाव बनाने का आरोप
इकलौते बेटे की मौत के बाद परिवार ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध किया. परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों पर मामला दबाने का दबाव बना रही है. उन्होंने मामले में शामिल पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की मांग की. साथ ही चेतावनी दी है कि अगर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जाम लगाकर प्रदर्शन करेंगे.
जांच में दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई- टामक
शाहाबाद थाने के SHO जगदीश टामक ने कहा कि घटना से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है. जांच निष्पक्ष तरीके से होगी. जांच में कोई पुलिस कर्मचारी या अन्य व्यक्ति दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.











