Haryana Film News: हरियाणा के रोहतक स्थित दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (DLCSUPVA) के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। छात्रों ने हरियाणवी फिल्म ‘रेत का घेरा’ तैयार की है। फिल्म का निर्माण छात्रों और पूर्व छात्रों की टीम ने मिलकर किया है। खास बात यह है कि फिल्म की पहली स्क्रीनिंग उसी संस्थान में होगी, जहां इसके कलाकारों और तकनीकी टीम ने फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखी हैं।
अमित साथी ने किया फिल्म का निर्देशन
‘रेत का घेरा’ का निर्देशन यूनिवर्सिटी के छात्र अमित साथी ने किया है। फिल्म में राजकुमार धनखड़, विशाल दहिया और सुजाता रोहिल्ला मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी और पटकथा तैयार करने में अमित साथी के साथ आशीष शुक्ला और अशोक ने सहयोग किया है। फिल्म के तकनीकी पक्ष की जिम्मेदारी भी SUPVA से जुड़े युवाओं ने संभाली है। इसका छायांकन संस्थान के पूर्व विद्यार्थी नीरज जांगड़ा ने किया है, जबकि एडिटिंग की जिम्मेदारी चिराग कुंडू ने संभाली। वहीं अक्षय अल्लावधी और दिलजीत दादरवाल ने फिल्म का साउंड डिजाइन तैयार किया है।

जलन और असुरक्षा के घेरे की कहानी
अमित साथी के अनुसार ‘रेत का घेरा’ का केंद्र व्यक्ति के भीतर बनने वाला मनोवैज्ञानिक घेरा है। फिल्म में जलन, असुरक्षा और मानसिक बंधनों को कहानी का आधार बनाया गया है। इसमें यह दिखाने की कोशिश की गई है कि बाहरी परिस्थितियां किस तरह व्यक्ति की सोच और भावनाओं को प्रभावित करती हैं और वह धीरे-धीरे अपने भीतर ही एक मानसिक घेरे में फंस सकता है। फिल्म इसी आंतरिक संघर्ष और मनोवैज्ञानिक द्वंद्व को सिनेमाई भाषा के माध्यम से दर्शकों के सामने रखने का प्रयास करती है। कहानी के जरिए टीम ने हरियाणवी भाषा और स्थानीय संवेदनाओं को एक गंभीर मनोवैज्ञानिक विषय के साथ जोड़ने की कोशिश की है।
एकेडमिक देरी के बीच रचनात्मक पहल
फिल्म के निर्देशक अमित साथी के मुताबिक ‘रेत का घेरा’ तैयार करने के पीछे विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच को आगे बढ़ाने की इच्छा भी रही। उनका कहना है कि एकेडमिक प्रक्रियाओं और पाठ्यक्रम से जुड़ी गतिविधियों में देरी जैसी चुनौतियां अपनी जगह हैं, लेकिन इससे विद्यार्थियों की रचनात्मक यात्रा रुकनी नहीं चाहिए। इसी सोच के साथ विद्यार्थियों ने संस्थागत प्रक्रियाओं का इंतजार करने के बजाय अपनी टीम के साथ फिल्म निर्माण की दिशा में काम किया। उनके लिए यह फिल्म सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा और विचारों को दर्शकों तक पहुंचाने का माध्यम भी है।
जिस संस्थान में सीखा, वहीं पहली स्क्रीनिंग
‘रेत का घेरा’ की पहली स्क्रीनिंग को लेकर सबसे खास बात यह है कि फिल्म को पहली बार यूनिवर्सिटी कैम्पस में ही दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा। फिल्म को सितंबर में आयोजित होने वाले हरियाणवी इनोवेटिव फिल्म एसोसिएशन (HIFA) के फिल्म समारोह के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा। HIFA के अनुसार इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल HIFA 2026 का आयोजन 19 और 20 सितंबर को रोहतक की दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स में प्रस्तावित है। इसी फिल्म समारोह में ‘रेत का घेरा’ की स्क्रीनिंग होने की जानकारी दी गई है। सितंबर में होने वाली पहली स्क्रीनिंग इन युवा फिल्मकारों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि वे अपने ही संस्थान में अपनी बनाई फिल्म को दर्शकों के सामने पेश करेंगे। इससे उन्हें हरियाणवी सिनेमा में अपनी पहचान बनाने और आगे के फिल्मी सफर के लिए नया मंच मिलने की उम्मीद है।














