गुरुग्राम. हरियाणा में गुरुग्राम ‘हिट-एंड-रन’ मामले के आरोपी कल्याण बैंसला और उसके रिश्तेदार लवनीश को बुधवार को एक स्थानीय अदालत ने दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. उधर, हादसे की जांच के लिए एसआईटी टीम गठित की गई है और इसकी शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा हुआ है.
गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त सिबाश कविराज ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की घोषणा की है. यह एसआईटी सहायक पुलिस आयुक्त (महिलाओं के खिलाफ अपराध) सुशीला देवी के नेतृत्व में काम करेगी. इस दल में सेक्टर-56 के थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज यादव, सीआईए सोहना के प्रभारी उपनिरीक्षक विनय तथा सोहना अपराध इकाई के दो सहायक उपनिरीक्षक जगबीर और नरेंद्र शामिल होंगे.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एसआईटी जांच में पता चला है कि वारदात के समय आरोपी कल्याण बैंसला खुद गाड़ी चला रहा था और बैंसला के साथ कार में तीन और दोस्त भी मौजूद थे. उसका चचेरा भाई लवनीश बगल वाली सीट पर बैठा था. इस घटना में लवनिश को भी अरेस्ट किया गया है. आरोप है कि लवनीश ने ही मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला को महिला बाइकर शिवानी चौहान का पीछा करने के लिए उकसाया था. फिलहाल, पुलिस ने आरोपियों के ब्लड और यूरिन सैंपल लिए हैं. जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने घटना से पिछली रात को क्लब में पार्टी की थी.
जांच में यह भी पता चला है कि 13 सितंबर की सुबह आरोपियों और बाइकर्स के बीच में बहसबाजी हुई थी. आरोपी और महिला बाइकर शिवानी के बीच पहली बार सेक्टर-53 मेट्रो स्टेशन के पास कहा सुनी हुई थी और फिर आरोपी ने करीब दो किमी तक महिला बाइकर का पीछा किया. उधर, मामले में एक चायवाले ने भी प्रत्यक्षदर्शी के तौर पर मीडिया से बातचीत की थी और घटना की जानकारी दी थी. प्रत्यक्षदर्शी युवक ने बताया था कि बाइकर और आरोपियों में बहसबाजी और कहासुनी हुई थी. पुलिस अब आसपास की सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है.
फिलहाल, पुलिस ने अपराध की घटना का नाट्य रूपांतरण किया है और इसके अलावा, अब दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी. पुलिस ने कार सवार दो अन्य आरोपियों को भी नोटिस देकर जांच में शामिल होने के लिए कहा है.
13 सितंबर की है यह घटना
13 सितंबर को गुरुग्राम के गोल्फकोर्स रोड पर पलवल के रहने वाले जिम संचालक कल्याण बैंसला ने दिल्ली की बाइकर शिवानी चौहान उर्फ सिया की मोटरसाइकिल को अपनी कार से टक्कर मार दी थी. टक्कर लगने से शिवानी सड़क पर गिर गईं और काफी दूर तक घिसटती चली गईं थी इसका वीडियो भी सामने आया था.
बुधवार को पेशी के दौरान बचाव पक्ष के वकील ललित बिंदल ने दलील दी कि उनका मुवक्किल बैंसला पहले ही 24 घंटे पुलिस हिरासत में है और इस दौरान अपराध की घटना का नाट्य रूपांतरण कर उसे समझा जा सकता था. बिंदल ने कहा, ‘‘दो दिन की पुलिस हिरासत के अनुरोध वाली अर्जी आज मंजूर करते हुए अदालत ने दोनों को दो दिन के लिए पुलिस को सौंप दिया है. मामले में अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी.’’ बैंसला (33) और लवनीश (34) को मंगलवार को राजस्थान के राजगढ़ से पकड़ा गया था.
शिवानी (27) ने कहा कि बैंसला की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है. उन्होंने घटना के समय कार में कथित तौर पर मौजूद अन्य लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की. जिला अदालत में मंगलवार रात अपना बयान दर्ज कराने के बाद मीडिया से बातचीत में शिवानी ने बैंसला के रिश्तेदार कमल के उस दावे पर भी पलटवार किया, जिसमें उसने कहा था कि वह पीड़िता बनने का नाटक कर रही हैं. उन्होंने कहा कि अगर बैंसला तीन दिन में जमानत हासिल कर लेता है तो इसे सख्त कार्रवाई नहीं माना जा सकता.
शिवानी ने कहा, ‘‘कार में दो अन्य लोग भी थे. उन्हें भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उन्हें सजा मिलनी चाहिए. अगर ऐसा नहीं हुआ तो इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी.’’ कल्याण बैंसला के चचेरे भाई कमल ने ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कल्याण को निर्दोष बताया. कमल ने कहा, ‘‘लड़की पीड़िता बनने का नाटक कर रही है. कल्याण निर्दोष है.’’ शिवानी ने इस आरोप पर आपत्ति जताई कि वह यह सब फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए कर रही हैं.
दिल्ली से पीड़िता ने लड़ा था चुनाव
उधर, पीड़िता शिवानी कहा, ‘‘मैंने 2022 में दिल्ली के कालकाजी से नगर निगम का चुनाव लड़ा था. मैं सबसे कम उम्र की उम्मीदवार थी. दिल्ली में हर कोई मुझे जानता है. घटना के बाद मैं अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहती थी लेकिन अब यह उजागर हो गई है. मैं खुद के लिए मजबूती से डटी रहूंगी. मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि उनके फॉलोअर्स क्या कह रहे हैं. उनकी मानसिकता ही गलत है.’’
शिवानी ने कहा कि उन्होंने अदालत को बताया कि उनकी जान लेने की कोशिश की गई और वह मर भी सकती थीं. उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कुछ चोटें आई हैं और चिकित्सकों ने मुझे एमआरआई और एक्स-रे कराने की सलाह दी है.’’ पुलिस ने बताया कि मंगलवार को गिरफ्तारी के बाद बैंसला ने पेशाब करने के बहाने हिरासत से भागने की कोशिश की, लेकिन गिरकर घायल हो गया जिसके बाद उसे अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया. घटना के समय बैंसला मारुति सुजुकी सियाज चला रहा था जबकि शिवानी अप्रिलिया आरएस 457 बाइक चला रही थीं.












