Opinion: आप रोड रेज करेंगे और महिला को मारने की कोशिश करेंगे और आप जाति के नाम पर महापंचायत बुलाएंगे यह कितना उचित?

On: September 19, 2026 9:25 AM
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Gurugram Hit and Run Kalyan Baisla: गुरुग्राम का हिट एंड रन मामला तो आपने सुना ही होगा. सोशल मीडिया पर उसके फोटोज और वीडियो भी देख ही लिए होंगे. कैसे सड़क पर पुरुषों से भी आगे बाइक दौड़ाती एक लड़की कार में सवार युवकों को खटकती है. शराब के नशे से भी ज्यादा घटिया मर्दानगी के नशे में चूर कार चालक कल्याण बैंसला अपने सपनों को जीती बाइक सवार सिया उर्फ शिवानी चौहान को बुरी तरह टक्कर मार देता है. लड़की सड़क पर गिरती है, घिसटती है, लेकिन फिर से खड़ी हो जाती है, और फिर पुलिस अपना काम करना शुरू करती है, करेगी भी. भारत में कानून है तो उसका डंडा तो घूमेगा ही. लेकिन जिस समाज की परवाह करते-करते एक लड़की के मां-बाप पूरी जिंदगी गुजार देते हैं, वह समाज इस मामले में पंचायत बुला रहा है और वह भी जाति के नाम पर.

इस मामले के आरोपी, दंभी, मर्दों के नाम पर कलंक, हत्या करने को उग्र कल्याण बैंसला को बचाने के लिए अब पलवल में एक महापंचायत बुलाई जा रही है. इसमें लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुड़ने की अपील की जा रही है, ताकि कल्याण बैंसला जो उनकी जाति का लड़का है, उसके पक्ष में लोगों को लामबंद किया जा सके और मूर्खों की भीड़ के आधार पर उसे सही साबित किया जा सके.

कितना दुखद है कि आप रोड रेज करेंगे और महिला को मारने की कोशिश करेंगे और फिर आप आरोपी को बचाने के लिए जाति के नाम पर महापंचायत बुलाएंगे?

‘लड़के हैं गलती हो जाती है’… ये मानसिकता आखिर कब तक हमारा पीछा करेगी. आखिर समाज इतना पंगु कैसे हो गया है? कानून अपना काम कर रहा है लेकिन समाज की विकलांग सोच देखिए कि वे अपराधी और पीड़ित के बीच में जाति का एंगल ढूंढ रहे हैं. वे इस देश की बेटी की हत्या करने पर उतारू एक लड़के को सिर्फ इसलिए बचाना चाहते हैं क्योंकि वह उनकी जाति से ताल्लुक रखता है.

क्या हम सच में उस महान भारत भूमि में रह रहे हैं जहां न्याय और वचन के पालन के लिए लोगों ने अपने सिर तक काटकर दे दिए? क्या सच में हमारी नैतिकताएं, सामाजिक मान्यताएं, हमारी एतिहासिक और पौराणिक गाथाएं आज लोगों की पहुंच से दूर हो चुकी हैं और उन्हें पता ही नहीं है कि वे क्या कर रहे हैं, या पुरुषवादी सोच आज पशुता की हद तक हमारे दिमागों पर हावी हो चुकी है.

आरोपी बैंसला के लिए की जा रही ये महापंचायत सफल हो या न हो, इसका कोई असर इस कानूनी तौर पर पड़े न पड़े लेकिन इसने लोगों की सोच पर एक गंभीर सवालिया निशान जरूर लगा दिया है. जाति के लिए नेताओं और राजनीति को दोष देने वाले लोग आज जाति को ही अपने पापों को ढोने की सीढ़ी बना रहे हैं.

महिला को कुचलने की नीयत से टक्कर मारने वाले इस आरोपी के लिए महापंचायत कितना सही फैसला है, और क्या इससे पंचायतों और पंचों की साख बचेगी, उन पर भरोसा बचेगा, अब ये आप खुद ही तय कीजिए.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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