चंडीगढ़. देश में आधुनिक विनिर्माण और तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को किस तरह अत्याधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा रहा है, इसकी तस्वीर भुवनेश्वर स्थित केंद्रीय टूल रूम एवं प्रशिक्षण केंद्र में देखने को मिली.
पीआईबी भुवनेश्वर की ओर से आयोजित एक्सपोजर टूर के दौरान चंडीगढ़ से पहुंचे पत्रकारों ने CTTC की अत्याधुनिक मशीनों, प्रयोगशालाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया. दौरे के दौरान पत्रकारों ने 3D मेटल और प्लास्टिक प्रिंटिंग, इंडस्ट्री-4.0, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, PLC और ऑटोमेशन जैसी तकनीकों से जुड़ी प्रयोगशालाओं को देखा. इसके अलावा हाई-प्रिसीजन CNC मिलिंग और टर्निंग मशीनों पर चल रहे प्रशिक्षण की जानकारी भी ली गई.
जानकारी के मुताबिक संस्थान में CNC, CAD/CAM, टूल डिजाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकों में उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण दिया जाता है. संस्थान का जोर केवल कक्षा में पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को मशीनों और तकनीकी उपकरणों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर भी है.
पत्रकारों ने प्रशिक्षण ले रहे छात्रों को आधुनिक मशीनों पर काम करते हुए देखा. छात्रों ने CNC मशीनिंग, डिजाइन, ऑटोमेशन और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं में अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया. CTTC के प्रशिक्षण मॉडल में प्रैक्टिकल लर्निंग को खास महत्व दिया जाता है, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद विद्यार्थी उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप काम कर सकें.
अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़ी तकनीकी क्षमता
एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग और उच्च-सटीकता वाले कंपोनेंट निर्माण भी शामिल हैं. संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट में ISRO परियोजनाओं के लिए एयरोस्पेस कंपोनेंट्स का भी उल्लेख किया गया है. इससे छात्रों को उन तकनीकों और निर्माण प्रक्रियाओं से परिचित होने का अवसर मिलता है, जिनका इस्तेमाल उच्च-सटीकता वाले औद्योगिक और एयरोस्पेस निर्माण में किया जाता है. CTTC की स्थापना तकनीकी प्रशिक्षण, टूल निर्माण, डिजाइन, उत्पादन और उद्योग से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से की गई थी.
संस्थान CAD/CAM, CNC प्रोग्रामिंग एवं मशीनिंग, टूल एंड डाई मेकिंग, मशीन मेंटेनेंस और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देता है.
वर्तमान में यहां डिप्लोमा इन टूल एंड डाई मेकिंग, डिप्लोमा इन मेक्ट्रोनिक्स और डिप्लोमा इन ऑटोमेशन एंड रोबोटिक्स जैसे पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं. आधिकारिक जानकारी के अनुसार ऑटोमेशन एंड रोबोटिक्स का तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी उपलब्ध है. महाप्रबंधक प्रभारी डॉ. केएम राजन ने संस्थान की प्रशिक्षण और तकनीकी गतिविधियों के बारे में बताया कि प्रशासन, लेखा एवं मानव संसाधन प्रमुख सुशांत कुमार राउत ने उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और सटीक इंजीनियरिंग की जानकारी युवाओं तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका पर चर्चा की. पीआईबी चंडीगढ़ के निदेशक प्रीतम सिंह, सहायक निदेशक पार्थ सारथी मलिक और धर्म सिंह भी मौजूद रहे.












