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Papaya Leaf Juice Benefits : पपीते के पत्ते का काढ़ा प्लेटलेट्स को बढ़ाता है, लेकिन इसे रोज पीना जरूरी नहीं है. ज्यादा सेवन से गैस, एसिडिटी, पेट दर्द और उल्टी हो सकती है. बच्चों को कम मात्रा में दें. लोकल 18 ने इस बारे में फरीदाबाद की आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. अनु शर्मा से बात की. डॉ. अनु बताती हैं कि दो से तीन पपीते के पत्ते लेकर उन्हें बारीक काट लें. फिर 200 एमएल पानी में पत्तों को उबालें. जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर दिन में एक बार लिया जा सकता है. डॉ. अनु के मुताबिक, जिन लोगों के प्लेटलेट्स सामान्य या ज्यादा हैं, उन्हें इसे लेने की जरूरत नहीं है.
फरीदाबाद. बरसात के मौसम में पपीते का काढ़ा काफी फायदेमंद होता है. पपीते के पत्ते का काढ़ा प्लेटलेट्स बढ़ाने में रामबाण है, लेकिन इसे पीने से पहले यह जानना जरूरी है कि इसे कैसे और कितनी मात्रा में लेना चाहिए. क्या पपीते के पत्ते का काढ़ा रोज पीना सुरक्षित है. किन लोगों को इससे बचना चाहिए. ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर क्या नुकसान हो सकता है. लोकल 18 से फरीदाबाद के Accord Hospital की आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. अनु शर्मा बताती हैं कि पपीते के पत्ते में पपैन नामक तत्व पाया जाता है. यह एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है और प्लेटलेट्स कम होने की स्थिति में मददगार है. डेंगू में प्लेटलेट्स कम होने पर इसका इस्तेमाल किया जाता है. जिन मरीजों के प्लेटलेट्स कम हैं, वे डॉक्टर की सलाह के अनुसार इसका सेवन कर सकते हैं. बारिश के मौसम में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है.
इसे बनाने के तरीके पर डॉ. अनु बताती हैं कि दो से तीन पपीते के पत्ते लेकर उन्हें अच्छी तरह साफ करके बारीक काट लें. इसके बाद करीब 200 एमएल पानी में पत्तों को उबालें. जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर दिन में एक बार लिया जा सकता है. प्लेटलेट्स कम होने की स्थिति में ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए. जिन लोगों के प्लेटलेट्स सामान्य या ज्यादा हैं, उन्हें इसे लेने की जरूरत नहीं है. इसके अलावा गैस, एसिडिटी या उल्टी की शिकायत ज्यादा रहने वाले लोगों को भी इससे बचना चाहिए.
बच्चों को कितना पिलाएं
डॉ. अनु के मुताबिक, ज्यादा मात्रा में पपीते के पत्ते का काढ़ा लेने से गैस, एसिडिटी, पेट दर्द और उल्टी जैसी परेशानी हो सकती है. बच्चों को भी इसे दिया जा सकता है, लेकिन मात्रा कम रखनी चाहिए. इसके लिए एक पपीते का पत्ता करीब 100 एमएल पानी में उबालें और पानी लगभग 50 एमएल रह जाने पर इसे छान लें. गुनगुना होने पर स्वाद के लिए इसमें कुछ दाने मिश्री के मिलाए जा सकते हैं. डॉ. अनु बताती हैं कि इसे लंबे समय तक लगातार नहीं पीना चाहिए. प्लेटलेट्स कम होने जैसी जरूरत में ही सीमित मात्रा में इसका सेवन करना ठीक है.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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