CM Saini Action on Gurugram Pollution: गुरुग्राम में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर लापरवाही और जनता की शिकायतों की अनदेखी पर हरियाणा सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के दो सीनियर क्षेत्रीय अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई गुरुग्राम में प्रदूषण नियंत्रण और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बीच हुई है। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों से गुरुग्राम में प्रदूषण की स्थिति, नागरिकों की शिकायतों और संबंधित विभागों की ओर से किए जा रहे उपायों को लेकर जवाब-तलब किया।
शिकायतों की अनदेखी पर कार्रवाई
सरकार के अनुसार दोनों HSPCB अधिकारियों पर प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मामलों में गंभीर लापरवाही बरतने और जनता की शिकायतों को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लेने के आरोप हैं। मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया और लापरवाही सामने आने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। गुरुग्राम में प्रदूषण नियंत्रण के लिए HSPCB के गुरुग्राम नॉर्थ और गुरुग्राम साउथ क्षेत्रीय कार्यालय हैं। दोनों कार्यालय अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन और प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी करते हैं।
विकास कार्यों की भी हुई समीक्षा
उच्चस्तरीय बैठक केवल प्रदूषण तक सीमित नहीं रही। मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में चल रहे विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में सड़कों की स्थिति, जलभराव और ड्रेनेज व्यवस्था, साफ-सफाई तथा अन्य विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को काम के लिए स्पष्ट समयसीमा तय करने और निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि गुरुग्राम में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारियों को केवल आश्वासन देने के बजाय काम पूरा करने की समयसीमा बतानी होगी।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए बढ़ाई निगरानी
गुरुग्राम में सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने निगरानी और प्रवर्तन की तैयारियां तेज की हैं। हालिया प्रशासनिक योजना के तहत शहर में 1,000 से अधिक स्थानों पर उत्सर्जन निगरानी सेंसर लगाने की योजना सामने आई है। इसके जरिए प्रदूषण से संबंधित गतिविधियों की लाइव निगरानी करने का लक्ष्य है। सड़क की लगातार सफाई, निर्माण गतिविधियों पर निगरानी और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों पर भी जोर दिया जा रहा है। यह तैयारियां दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान लागू होने वाले प्रदूषण नियंत्रण उपायों के मद्देनजर की जा रही हैं।












