फरीदाबाद: बच्चे खेलते समय कई बार सिक्का, खिलौने का छोटा हिस्सा, चुंबक या बटन बैटरी निगल लेते हैं. ऐसी स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए. लोकल 18 से बातचीत में अमृता हॉस्पिटल फरीदाबाद के बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. नितिन जैन बताते हैं कि कोई भी बाहरी वस्तु निगलना बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है. खासकर जब कोई वस्तु सांस की नली में चली जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है.
डॉ. नितिन जैन बताते हैं कि अगर वस्तु सांस की नली में चली गई है तो बच्चे को तुरंत सांस लेने में परेशानी हो सकती है. इसके साथ बच्चा बहुत ज्यादा रो सकता है, उसका रंग बदल सकता है या वह नीला पड़ सकता है. सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना भी खतरे का संकेत है. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर बच्चे को तुरंत इमरजेंसी में लेकर जाना चाहिए.
बच्चे ने सिक्का या खिलौने का हिस्सा निगल लिया तो घर पर क्या करें?
इस पर डॉक्टर नितिन बताते हैं कि ऐसी स्थिति में माता-पिता को सबसे पहले घबराना नहीं चाहिए और बच्चे को उल्टी कराने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. कई बार घबराहट में माता-पिता बच्चे के मुंह में हाथ डालकर सिक्का या दूसरी वस्तु निकालने की कोशिश करते हैं. ऐसा करने से वस्तु और नीचे जा सकती है और स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है. ऐसे में बच्चे को तुरंत चिकित्सकीय सहायता दिलानी चाहिए. अगर किसी वस्तु के निगलने का संदेह है तो डॉक्टर को यह जानकारी देना भी जरूरी है कि बच्चे ने क्या चीज निगली है और वह लगभग कितनी बड़ी थी.
डॉ. नितिन जैन बताते हैं कि इसके लिए बच्चे के लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है. सांस की नली में वस्तु जाने पर आमतौर पर सांस लेने में परेशानी, तेज रोना, रंग नीला पड़ना और सीटी जैसी आवाज जैसे लक्षण तुरंत दिखाई दे सकते हैं. ऐसी स्थिति में देरी नहीं करनी चाहिए. वहीं अगर वस्तु खाने की नली यानी ग्रासनली में फंस गई है तो बच्चा खाना या पानी निगलने में परेशानी बता सकता है. बच्चा चिड़चिड़ा हो सकता है और मुंह से ज्यादा लार निकल सकती है. कुछ मामलों में बच्चा खाना निगल नहीं पाता.
बिना सलाह बच्चे को कुछ खिलाएं-पिलाएं नहीं
डॉक्टर नितिन बताते हैं कि स्थिति की जांच के लिए एक्स-रे भी किया जाता है. इससे पता लगाने में मदद मिलती है कि बाहरी वस्तु खाने की नली में है. सांस की नली में. अगर वस्तु आगे जाकर पेट और छोटी आंत तक पहुंच गई है तो कई मामलों में वह मल के साथ बाहर निकल सकती है. लेकिन सांस की नली में फंसी वस्तु को निकालने के लिए ब्रोंकोस्कोपी जैसी प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है. अगर बच्चे ने कोई बाहरी वस्तु निगली है और उसे अस्पताल ले जाना है. बिना चिकित्सकीय सलाह के बच्चे को कुछ खिलाना-पिलाना नहीं चाहिए. ऐसी स्थिति में खाना या पानी देने से सांस की नली में चीज जाने यानी एस्पिरेशन का खतरा बढ़ सकता है. अगर बच्चे ने कोई वस्तु निगली है और इसके बाद सांस लेने में परेशानी, रंग बदलना, नीला पड़ना, सीटी जैसी आवाज, निगलने में परेशानी या ज्यादा लार आने जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो तुरंत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए.
बटन बैटरी और चुंबक ज्यादा खतरनाक क्यों?
इस पर डॉक्टर नितिन बताते हैं कि बच्चों द्वारा निगली जाने वाली चीजों में सिक्के, खिलौनों के छोटे हिस्से, मटर या चने जैसी चीजें, चुंबक और बटन बैटरी शामिल हो सकती हैं. इनमें बटन बैटरी और एक से ज्यादा चुंबक विशेष रूप से चिंता का विषय हैं. अगर बच्चा एक से ज्यादा निगल लेता है और वे आंत के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर एक-दूसरे से चिपक जाते हैं. उनके बीच आंत की दीवार फंस सकती है. इससे उस हिस्से की रक्त आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. आंत में छेद होने जैसी गंभीर समस्या पैदा हो सकती है.
बटन बैटरी भी बेहद खतरनाक हो सकती है. डॉक्टर नितिन बताते हैं कि बैटरी शरीर के अंदर ऊतकों के संपर्क में आने पर रासायनिक प्रतिक्रिया पैदा कर सकती है. इससे आसपास के ऊतक गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं. ऊतक नष्ट होने की स्थिति पैदा हो सकती है. ऐसे मामलों में बच्चे की जान को भी खतरा हो सकता है. इसलिए अगर माता-पिता को जरा भी संदेह है कि बच्चे ने बटन बैटरी, चुंबक, सिक्का या कोई दूसरी बाहरी वस्तु निगली है. घर पर इलाज या उल्टी कराने की कोशिश करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए.










