फरीदाबाद: जमीन खरीदना किसी के लिए भी बड़ी डील होती है. ऐसे में अगर जमीन की रजिस्ट्री ही फर्जी निकल जाए तो खरीदार बड़ी परेशानी में फंस सकता है. कई बार झूठे कागज, गलत पहचान या फर्जी हस्ताक्षर के जरिए जमीन की रजिस्ट्री करा दी जाती है. ऐसे मामलों से बचने के लिए जमीन खरीदने से पहले उसके पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच करना जरूरी है. आखिर फर्जी रजिस्ट्री की पहचान कैसे की जाए और जमीन खरीदने से पहले किन चीजों की जांच करनी चाहिए? इस बारे में Local18 से बातचीत में फरीदाबाद सेक्टर-12 कोर्ट की एडवोकेट कविता वर्मा ने कई जरूरी बातें बताईं.
फर्जी रजिस्ट्री की पहचान कैसे करें?
एडवोकेट कविता वर्मा बताती हैं कि मैं करीब पांच साल से एडवोकेट के तौर पर काम कर रही हैं. सिविल मामलों में रजिस्ट्री की जांच के लिए सबसे पहले CTC यानी सर्टिफाइड कॉपी निकलवाना जरूरी है. इसके लिए रजिस्ट्रार ऑफिस से रजिस्ट्री के दस्तावेजों की प्रमाणित कॉपी ली जाती है. इसी के आधार पर आगे की रजिस्ट्री की पूरी चेन को देखा जा सकता है. अगर CTC उपलब्ध नहीं होती है तो रजिस्ट्री के आधार की चेन को लेकर भी सवाल खड़ा हो सकता है.
जमीन की रजिस्ट्री ऑनलाइन कैसे जांचें?
कविता वर्मा बताती है कि जमीन की रजिस्ट्री की ऑनलाइन जांच के लिए Jawabandi.in वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा म्यूटेशन समेत जमीन से जुड़े दूसरे रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है. इससे जमीन के पुराने रिकॉर्ड और उसके लेनदेन की जानकारी को समझने में मदद मिलती है.
फर्जी रजिस्ट्री में क्या-क्या होता है?
कविता वर्मा बताती है कि फर्जी रजिस्ट्री कई तरीकों से हो सकती है. इसमें झूठी चेन या फर्जी दस्तावेज दिखाकर रजिस्ट्री कराना शामिल है. कई मामलों में जमीन के असली मालिक के फर्जी हस्ताक्षर किए जा सकते हैं या उसकी जगह कोई दूसरा व्यक्ति गलत पहचान बताकर रजिस्ट्री करा सकता है. इसके अलावा ऐसी जमीन की दोबारा बिक्री भी की जा सकती है, जिसके बारे में पहले का रिकॉर्ड खरीदार ने जांचा नहीं हो.
रजिस्ट्री में गलत जानकारी कैसे पकड़ें?
कविता वर्मा बताती है कि इसके लिए सबसे पहले CTC और म्यूटेशन की जांच करनी चाहिए. इसके बाद जमीन की पूरी चेन निकाली जाती है कि जमीन का रिकॉर्ड कहां से शुरू हुआ और आगे किन-किन लोगों के नाम पर ट्रांसफर हुआ. तहसील से मिलने वाली पूरी चेन को देखने के बाद ही यह पता लगाने में मदद मिलती है कि रजिस्ट्री सही है या उसमें गड़बड़ी है.
जमीन खरीदने से पहले कौन से दस्तावेज देखें?
कविता वर्मा बताती है कि जमीन खरीदने से पहले उसकी रजिस्ट्री, GPA या SPA की प्रमाणित जानकारी लेनी चाहिए. इसके बाद म्यूटेशन की जांच करनी चाहिए. जमीन की फर्द भी देखनी चाहिए. अगर जमीन का मालिक खुद मौजूद है तो उसकी पहचान भी जांचना जरूरी है.
फर्जी रजिस्ट्री हो जाए तो क्या करें?
कविता वर्मा बताती है कि अगर फर्जी रजिस्ट्री हो चुकी है तो कोर्ट में जाकर स्टे लिया जा सकता है, ताकि इस जमीन से जुड़ा कोई तीसरा पक्ष आगे शामिल न हो. एडवोकेट के मुताबिक फर्जी रजिस्ट्री साबित होने पर पुलिस में शिकायत करने के साथ कोर्ट में सिविल केस भी दायर किया जा सकता है. इसके अलावा सूट फॉर इंजंक्शन भी दाखिल किया जा सकता है.













