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Vastu Tips : कामधेनु गाय, स्वास्तिक, गोमती चक्र वृक्ष, दक्षिणावर्ती शंख और कुबेर यंत्र को सुख-समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. इन वस्तुओं को उचित स्थान पर रखने से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है. अंबाला के लाल किताब एस्ट्रोलॉजर कुमार गौरव लोकल 18 को बताते हैं कि दक्षिणावर्ती शंख को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है. कामधेनु गाय को संपन्नता और पोषण का प्रतीक माना जाता है. गोमती चक्र वृक्ष को सौभाग्य और कुबेर यंत्र को धन-संपत्ति की कामना से जोड़ा जाता है. कामधेनु गाय की मूर्ति को घर के उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण या पूजा स्थल में रखें.
अंबाला. जीवन में सुख-समृद्धि, धन-दौलत और तरक्की की चाह हर व्यक्ति को होती है. हर कोई चाहता है कि उसके घर में सुख-शांति बनी रहे और परिवार के सदस्यों को जीवन में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलें. यही वजह है कि भारतीय परंपराओं में लोग वास्तु शास्त्र और ज्योतिष से जुड़े उपायों को भी महत्व देते हैं. मान्यता है कि घर में कुछ खास धार्मिक वस्तुओं को उचित स्थान पर रखने से सकारात्मक वातावरण बना रहता है. इन उपायों के लिए घर में तोड़-फोड़ कराने या नक्शा बदलने की जरूरत नहीं होती. कामधेनु गाय, स्वास्तिक, गोमती चक्र वृक्ष, दक्षिणावर्ती शंख और कुबेर यंत्र ऐसी ही पांच वस्तुएं हैं, जिन्हें धार्मिक मान्यताओं में सुख-समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. कामधेनु गाय को संपन्नता और पोषण का प्रतीक माना जाता है. स्वास्तिक को शुभता और मंगल कार्यों से जोड़कर देखा जाता है. गोमती चक्र वृक्ष को सौभाग्य, दक्षिणावर्ती शंख को मां लक्ष्मी और कुबेर यंत्र को धन-संपत्ति की कामना से जोड़ा जाता है. इन वस्तुओं को घर में रखने पर साफ-सफाई का ध्यान रखें. हालांकि, इनसे राजयोग सक्रिय होने या धन प्राप्ति की गारंटी नहीं मानी जा सकता.
शुभ शुरुआत का प्रतीक
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, कामधेनु गाय की मूर्ति को घर के उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण या पूजा स्थल में रखना शुभ माना जाता है. कामधेनु का संबंध समुद्र मंथन से बताया गया है. इसे सुख-समृद्धि, पोषण और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है. घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाने या धातु का स्वास्तिक लगाने की परंपरा है. स्वास्तिक शुभ शुरुआत, उन्नति और मंगल का प्रतीक है. गोमती चक्र वृक्ष को भी कई परिवार अपने घर या कार्यालय में रखते हैं. इसे आर्थिक स्थिरता और सौभाग्य की कामना से जोड़कर देखा जाता है.
सिर्फ इन पर निर्भर रहना ठीक नहीं
अंबाला के लाल किताब एस्ट्रोलॉजर कुमार गौरव लोकल 18 को बताते हैं कि दक्षिणावर्ती शंख को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है. कई परिवार इसे पूजा स्थल में स्थापित करते हैं. इसी तरह कुबेर यंत्र को धन के देवता भगवान कुबेर से संबंधित माना जाता है. लोग इसकी स्थापना आर्थिक उन्नति, कारोबार में तरक्की और परिवार की समृद्धि की कामना से करते हैं. कुमार गौरव के अनुसार, इन वस्तुओं को घर में रखते समय धार्मिक आस्था के साथ-साथ घर के वातावरण और साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है. हालांकि जीवन में तरक्की के लिए मेहनत, सही निर्णय, आर्थिक अनुशासन और परिवार में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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