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Delhi-NCR Weather: दिल्ली-एनसीआर में रविवार आधी रात के बाद मौसम ने करवट बदला. पहले तेज ठंडी हवाएं चलीं उसके बाद बादल गरजने लगे. बिजली की तड़तड़ाहट के साथ देश की राजधानी के साथ ही नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम जैसे शहरों में बारिश का दौर शुरू हो गया. तेज बारिश के चलते दिल्ली में कई जगहों पर जलभराव की समस्या पैदा हो गई. वहीं, पेड़ गिरने की वजह से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे लिंक रोड पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है.
Delhi-NCR Weather: दिल्ली और आसपास के इलाकों में रविवार 11 अक्टूबर 2026 को आधी रात के बाद मौसम का तेव अचानक से बदल गया. बादलों ने हुंकार भरनी शुरू कर दी और आसमान में बिजली तड़तड़ाने लगी. इसके बाद तूफान हवा के साथ जोरदार बारिश का दौर शुरू हो गया. बारिश का सिलसिला सोमवार सुबह तक चलता रहा. मौसम विभाग ने अपने ताजा पूर्वानुमान में अगले दो घंटे में दिल्ली और आसपास के इलाकों का मौसम तूफानी रहने की संभावना जताई है. इस दौरान मध्यम से तेज बारिश के आसार हैं. तेज हवा के चलते दिल्ली और नोएडा में कई जगों पर जलभराव की समस्या पैदा हो गई. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर घुटनों तक पानी भर गया. वहीं, झंडेवालान इलाके में भी बारिश के चलते पानी भरने की समस्या सामने आई है. इसके साथ ही कुछ इलाकों में तेज हवा के चलते पेड़ भी उखड़ गए. नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के लिंक रोड पर पेड़ गिरने की वजह से यातायात प्रभावित हुई है. सोमवार 12 अक्टूबर 2026 को बारिश की वजह से हुए जलभराव के चलते वाहन चालकों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ सकता है.
दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बीच मौसम विभाग की ओर से ताजा अपडेट जारी किया गया है. IMD की ओर से 12 अक्टूबर को तड़के जारी ताजा फोरकास्ट में दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत में सक्रिय पाश्चिमी विक्षोभ साइक्लोनिक सर्कुलेशन में बदल गया है. इस वजह से जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है. अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में बारिश होने की वजह से तापमान के और नीचे जाने की संभावना बढ़ गई है. इससे सर्दी के मौसम की आमद जल्दी होने की संभावना बढ़ गई है.
दिल्ली-एनसीआर में मानसून की वापसी के बाद बारिश क्यों
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में ऐसी बारिश हुई है मानो सावन का महीना फिर से वापस आ गया हो. हवा की झपट, आसमान में फड़कती बिजली और फिर तेज बारिश. मौसम के ये लक्षण तो आमतौर पर भारत में सावन-भादो के महीने में देखने को मिलते हैं, फिर अक्टूबर में मौसम का मिजाज ऐसा क्यों हुआ? दरअसल, मौसम विभाग ने पहले ही उत्तर भारत में मौसम के बदलने की चेतावनी दे दी थी. कुछ दिनों से हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है. अब यह हिमाचल प्रदेश के क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन में बदल गया है. इस वजह से तेज हवा के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ है. वेदर एक्सपर्ट की मानें तो अगले एक-दो दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है.
ट्रैफिक पर कितना पड़ सकता है असर
दिल्ली-एनसीआर में जब भी मौसम तूफानी होता है तो खासकर नौकरीपेशा लोगों के लिए शामत आ जाती है. जगह-जगह जलभराव और पेड़ उखड़ने की वजह से यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है. दिल्ली के साथ ही नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे शहरों में भी बारिश के चलते जलभराव हुआ है. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर घुटनों तक पानी भर गया है. इस रोड के जरिये बड़ी तादाद में लोग दिल्ली आते हैं और जाते हैं. पानी के समय पर न निकलने की स्थिति में इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ सकती है. वहीं, नोएडा को ग्रेटर नोएडा से जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे के साथ वाली लिंक रोड पर पेड़ गिरने से ट्रैफिक पर असर पड़ सकता है. ऐसे में आमलोगों को सलाह दी जाती है कि घरों से निकलने से पहले वे ट्रैफिक पुलिस की ट्रैफिक एडवायजरी को जरूर देख लें.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…
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