‘4 हजार वाला 3 हजार में बिक रहा’, फरीदाबाद के धान किसानों पर मंडी में टूटी ये कैसी आफत?

On: October 13, 2026 2:47 AM
Follow Us:

Last Updated:

Ground Report Ballabhgarh Anaj Mandi : फरीदाबाद की बल्लभगढ़ अनाज मंडी में बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. खुले में रखा धान भीगने के बाद किसानों का आरोप है कि व्यापारी कम भाव लगा रहे हैं और 4000 से 4300 रुपये प्रति क्विंटल तक मिलने वाला भाव अब 3000 से 3700 रुपये तक रह गया है. किसानों का कहना है कि मंडी में धान को बारिश से बचाने के उचित इंतजाम किया जाए. लोकल 18 से किसान रामपाल बताते हैं कि 1509 वैरायटी का धान लेकर मंडी आया हूं. यहां बारिश में भीगने की वजह से 600 रुपये प्रति क्विंटल कम कीमत मिल रही है. किसान मनवीर सिंह कहते हैं कि एक ट्रॉली धान लेकर मंडी पहुंचा हूं. व्यापारियों की ओर से मनमाने भाव लगाए जा रहे हैं.

Amazon Prime DayTop Deals Inside

फरीदाबाद. खेतों में दिन-रात मेहनत करके किसान धान की फसल तैयार करते हैं. कभी मौसम की मार झेलनी पड़ती है, तो कभी मंडी में फसल बेचने के लिए परेशान होना पड़ता है. फरीदाबाद में सोमवार रात हुई तेज बारिश ने बल्लभगढ़ की अनाज मंडी में किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मंडी में बड़ी मात्रा में धान खुले में पड़ा हुआ है, जबकि टीन शेड के नीचे फसल रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है. ऐसे में बारिश से खुले में रखा धान भीग गया. अब किसानों का कहना है कि बारिश में धान भीगने के बाद व्यापारी कम भाव लगा रहे हैं. किसानों के मुताबिक, जिस धान का भाव 4000 से 4300 रुपये प्रति क्विंटल तक बताया जा रहा था, उसके लिए अब 3000 से 3500 रुपये तक के भाव मिल रहे हैं. किसानों का सवाल है कि मंडी में फसल को सुरक्षित रखने की व्यवस्था नहीं होने का नुकसान आखिर उन्हें क्यों उठाना पड़े.

परेशानी और बढ़ गई

लोकल 18 से किसान रामपाल बताते हैं कि मैं अपनी 1509 किस्म का धान लेकर मंडी पहुंचा हूं. फसल का भाव करीब 4000 रुपये प्रति क्विंटल मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब करीब 3400 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है. किसान खेतों में इतनी मेहनत करता है. ऐसे में मंडी में धान को सुरक्षित रखने की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी और बढ़ गई है. धान भीग गया. उचित इंतजाम होने चाहिए, ताकि बारिश के कारण नुकसान न उठाना पड़े.

किसान मनवीर सिंह बताते हैं कि एक ट्रॉली धान लेकर मंडी पहुंचा हूं. व्यापारियों की ओर से मनमाने भाव लगाए जा रहे हैं. सूखे धान का भी उचित भाव नहीं मिल रहा है. 4200 से 4300 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव बताया जाता है, लेकिन यहां 3500 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर धान बेचना पड़ रहा है. हमारी परेशानी सुनने वाला कोई नहीं है और मंडी में उचित व्यवस्था की जरूरत है.

भीगने की नौबत नहीं आती

किसान नंद लाल कटारिया बताते हैं कि किसान खेतों में दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार करता है. इसके बाद फसल को मंडी तक लाने में भी खर्च और मेहनत लगती है. अगर मंडी में धान को बारिश से बचाने की पर्याप्त व्यवस्था होती, तो फसल भीगने की नौबत नहीं आती. नुकसान हमारा हुआ है. किसान विद्या सागर कहते हैं कि फसल तैयार करने के दौरान मौसम की मार समेत कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. मंडी में धान रखने और उसे बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए. धान को सुरक्षित रखने के इंतजाम किए जाएं और उचित भाव मिले. मंडी प्रशासन को किसानों की परेशानी पर ध्यान देना चाहिए.

About the Author

authorimg

Priyanshu Gupta

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

और पढ़ें

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now