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Faridabad News: फरीदाबाद के दयालपुर गांव के खेल स्टेडियम की बदहाली पर लोकल 18 ने प्रमुखता से दिखाया था. अब मैदान में सफाई का काम शुरू होने से ग्रामीणों को उम्मीद है कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. गांव के निवासी दीपक बताते हैं कि सफाई अभियान का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है. सुबह अभ्यास करने आने वाले खिलाड़ियों के साथ बुजुर्गों और महिलाओं को भी साफ मैदान का लाभ मिलेगा. ग्राम पंचायत के साथ ग्रामीण भी मैदान को साफ रखने की जिम्मेदारी निभाएं.
फरीदाबाद: खिलाड़ियों की मेहनत से पहचान बनाने वाले फरीदाबाद के दयालपुर गांव के खेल स्टेडियम की तस्वीर अब बदलने लगी है. कुछ दिन पहले तक मैदान में जगह-जगह घास उगी थी और सफाई नहीं होने से खिलाड़ियों को परेशानी हो रही थी. अब यहां सफाई अभियान शुरू हो गया है. घास काटी जा रही है, कबड्डी के लिए अलग मैदान तैयार करने की योजना है और टूटे गेट को भी ठीक कराया जाएगा. ट्रैक सुधारने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं.
लोकल 18 की खबर का हुआ असर, शुरू हुआ सफाई का काम
लोकल 18 ने करीब 10 दिन पहले स्टेडियम की बदहाल स्थिति को प्रमुखता से दिखाया था. अब मैदान में सफाई का काम शुरू होने से ग्रामीणों को उम्मीद है कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. गांव के निवासी दीपक बताते हैं कि सफाई अभियान का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है. सुबह अभ्यास करने आने वाले खिलाड़ियों के साथ बुजुर्गों और महिलाओं को भी साफ मैदान का लाभ मिलेगा. ग्राम पंचायत के साथ ग्रामीण भी मैदान को साफ रखने की जिम्मेदारी निभाएं.
ग्रामीण पदम सिंह बताते हैं कि लोकल 18 की खबर के बाद प्रशासन का ध्यान मैदान की ओर गया है. हालांकि, गांव में खिलाड़ियों की उपलब्धियों के मुकाबले सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है. दयालपुर से जूडो, तीरंदाजी और कबड्डी के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं. सरपंच की पहल की सराहना करते हुए खेल सुविधाओं के लिए पर्याप्त सरकारी ग्रांट मिलने की जरूरत भी बताई.
ग्रामीणों व सामाजिक संस्था की ओर से की जा रही सफाई
दयालपुर गांव के सरपंच प्रतिनिधि देवेंद्र सिंह बताते हैं कि ग्रांट सीमित होने के बावजूद ग्रामीणों और सामाजिक संस्था प्रयास के सहयोग से मैदान की सफाई कराई जा रही है. गेट की मरम्मत और मैदान को बेहतर बनाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं. ट्रैक को खिलाड़ियों की जरूरत के मुताबिक तैयार करने पर विचार किया जा रहा है. ग्रामीण बबलू हुड्डा बताते हैं कि गांव में विकास कार्यों का असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए. विकास के लिए ईमानदारी और जिम्मेदारी जरूरी है.
रेलवे में चीप जूडो कोच के रूप में कार्यरत परविंदर हुड्डा बताते हैं मैं इसी गांव का निवासी हूं. 2006 में मैंने एशियन गेम खेला है. वर्ल्ड कप भी खेला है इसी गांव के ग्राउंड में प्रेक्टिस किया करता था. दयालपुर में लंबे समय से खिलाड़ी पदक जीतते आ रहे हैं. मैदान में छोटी अकादमी भी चल रही है. मेरा कहना है कि सुविधाएं बढ़ने से गांव के बच्चों को अभ्यास का बेहतर अवसर मिल सकता है.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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