दिवाली पर साड़ी खरीदने का है प्लान, तो पहुंचें सूरजकुंड मेले में, यहां कम पैसों में करें झोले भर शॉपिंग

On: October 24, 2026 12:16 PM
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फरीदाबाद: सूरजकुंड दिवाली मेले में गुजरात से आई पूजा की साड़ियां लोगों को खूब पसंद आ रही हैं. मेरे स्टॉल पर कांथा सिल्क, टसर सिल्क और पटोला जैसी साड़ियां हैं. इन साड़ियों की खासियत यह है कि इन्हें हाथों से तैयार किया जाता है. एक साड़ी बनाने में छह महीने तक लग जाते हैं. पिछले 17 साल से इस काम से जुड़ी हैं और गांव के बुनकर भी इस काम में लगे हुए हैं. Local18 से बातचीत में पूजा ने अपनी साड़ियों की खासियत बताई.

टसर सिल्क की साड़ियों की सबसे ज्यादा मांग
पूजा बताती हैं कि मेरे पास कांथा सिल्क, टसर सिल्क और पटोला जैसी साड़ियां हैं. इनमें सबसे ज्यादा टसर सिल्क की मांग रहती है. मेरे पास टसर सिल्क की शुरुआती कीमत 2500 रुपये है. मेले में मैं ग्राहकों को 10 से 15 प्रतिशत तक की छूट भी दे रही हूं. ग्राहक अपनी पसंद और साड़ी की कीमत के हिसाब से छूट ले सकते हैं.

MBA के बाद साड़ियों के कारोबार से जुड़ीं पूजा

पूजा बताती हैं कि मैंने MBA की पढ़ाई की है. पहले मैं इस काम से जुड़ी नहीं थी, लेकिन पढ़ाई के बाद बुनाई और साड़ियों के कारोबार में आ गई. अब मुझे इस काम में 17 साल हो गए हैं. मेरे पति भी मेरे साथ काम में मदद करते हैं. गुजरात में मेरे गांव के बुनकर साड़ियां तैयार करते हैं. इससे गांव के लोगों को रोजगार भी मिलता है.

एक साड़ी तैयार करने में लगते हैं छह महीने

पूजा बताती हैं कि मेरे पास कांथा क्रेप साड़ी भी है. इसका कपड़ा प्योर क्रेप होता है और इसे हाथों से तैयार किया जाता है. एक साड़ी बनाने में करीब छह महीने लग जाते हैं. इसकी कीमत 4500 रुपये है. वहीं, टसर सिल्क के कपड़े पर भी हाथों से बारीकी से काम किया जाता है. इसे तैयार करने में करीब तीन महीने लगते हैं. मेरे पास पटोला साड़ियां भी हैं, जिनकी बुनाई हाथों से होती है. मेरे यहां मशीन से काम नहीं किया जाता है.

सूरजकुंड के फरवरी मेले में भी लगाती हैं स्टॉल

पूजा बताती हैं कि मैं हर साल सूरजकुंड के फरवरी वाले मेले में आती हूं. वहां हर साल अच्छी बिक्री होती है. दिवाली मेले में मैं पहली बार आई हूं. अभी मेले का पहला दिन है और तीन दिन बाकी हैं. मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यहां भी अच्छी बिक्री होगी.

छूट के बाद 2200 से 2300 रुपये में मिल रही हैं साड़ियां

पूजा बताती हैं कि मेरे पास टसर सिल्क की साड़ियां 2500 रुपये से शुरू होती हैं. ग्राहकों को छूट मिलने के बाद कुछ साड़ियां 2200 से 2300 रुपये के आसपास भी मिल जाती हैं. मेरे लिए सबसे जरूरी बात यह है कि साड़ियों का कपड़ा प्योर है और इन पर हाथों से काम किया जाता है. यही वजह है कि इन्हें तैयार करने में काफी समय लगता है.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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