दिवाली-छठ की ट्रेन में बच्चा बिछड़ जाए तो तुरंत करें ये काम, मदद न मिलने पर क्या है कानूनी रास्ता?

On: October 25, 2026 10:33 PM
Follow Us:

Last Updated:

Missing Person Complaint in Train : दिवाली और छठ पूजा पर घर जाते समय ट्रेन में बच्चा या बुजुर्ग बिछड़ जाए तो घबराएं नहीं. तुरंत स्टेशन मास्टर, RPF या GRP से मदद मांगें. रेलवे हेल्पलाइन 139 और आपातकालीन नंबर 112 पर भी सूचना दे सकते हैं. एडवोकेट मोहन तिवारी से जानिए, ऐसी स्थिति में शिकायत कैसे करें और परिवार को अपनों से मिलाने के लिए क्या कदम उठाएं. लोकल 18 से वकील फरीदाबाद के वकील मोहन तिवारी बताते हैं कि अगर ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर बच्चा अपने परिवार से बिछड़ जाता है, तो सबसे पहले स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना दें. आपातकालीन स्थिति में 112 नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं. ट्रेन का नंबर, वर्तमान लोकेशन और अगले स्टेशन की जानकारी देना जरूरी है.

फरीदाबाद. दिवाली और छठ पूजा का त्योहार नजदीक आते ही बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ घर जाने की तैयारी करते हैं. बिहार जाने वाली ट्रेनों में भी यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है. ऐसे में कई बार जल्दबाजी के कारण छोटे बच्चे या बुजुर्ग अपने परिवार से बिछड़ जाते हैं. ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत रेलवे प्रशासन और पुलिस को सूचना देना जरूरी है. लोकल 18 से फरीदाबाद सेक्टर-12 कोर्ट के एडवोकेट मोहन तिवारी ने बताया कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए. एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि अगर ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर बच्चा अपने परिवार से बिछड़ जाता है, तो सबसे पहले स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना दें. रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) या वहां मौजूद रेलवे कर्मचारियों से मदद मांगें. अगर ट्रेन चल रही है, तो रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दे सकते हैं. आपातकालीन स्थिति में 112 नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं. इस दौरान ट्रेन का नंबर, वर्तमान लोकेशन और अगले स्टेशन की जानकारी देना जरूरी है.

रसीद या शिकायत संख्या जरूर लें

मोहन तिवारी बताते हैं कि अगर परिवार से कोई बुजुर्ग बिछड़ जाता है, तो उनकी उम्र, पहनावा, मोबाइल नंबर और मानसिक स्थिति से जुड़ी जानकारी पुलिस को दें. इससे बुजुर्ग को पहचानने और तलाश करने में मदद मिलती है. इसके बाद स्टेशन मास्टर, आरपीएफ और जीआरपी की मदद से तलाश शुरू कराई जा सकती है. रेलवे पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए संबंधित अधिकारी को लिखित शिकायत दी जा सकती है. शिकायत देने के बाद उसकी रसीद या शिकायत संख्या जरूर लें, ताकि जरूरत पड़ने पर आगे जानकारी प्राप्त की जा सके. शुरुआत में शिकायत देने के लिए किसी खास दस्तावेज का इंतजार न करें. बच्चे या बुजुर्ग की फोटो, उम्र, कपड़ों और पहचान से जुड़ी जानकारी उपलब्ध हो, तो पुलिस को जरूर दें.

शिकायत के बाद भी न मिले मदद, क्या करें

मोहन तिवारी बताते हैं कि बच्चा मिलने तक रेलवे प्रशासन और पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. बच्चे की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए बाल कल्याण समिति (CWC) और संबंधित बाल सुरक्षा अधिकारियों की मदद ली जा सकती है. जरूरत के अनुसार बच्चे को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाता है और उसकी पहचान की पुष्टि करने के बाद परिवार से मिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाती है. मोहन तिवारी के मुताबिक अगर शिकायत देने के बाद भी मदद नहीं मिलती है, तो संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत दें. पहले की शिकायतों और कॉल की जानकारी भी अपने पास रखें. इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर कानूनी सलाह लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जा सकता है. इसलिए दिवाली और छठ पूजा पर यात्रा करते समय बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें.

About the Author

authorimg

Priyanshu Gupta

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

और पढ़ें

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now