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Panchkula School Incident : हरियाणा के पंचकूला में स्कूली बच्ची के साथ हुई बर्बर हिंसा ने सभी को झकझोर दिया है. तीसरी कक्षा के छात्र ने KG की बच्ची पर जैसा हमला किया, इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर स्कूल परिसर में ऐसी घटना होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी और कानून क्या कहता है. लोकल 18 ने इस बारे में फरीदाबाद के दो वकीलों से बात की. अधिवक्ता कविता वर्मा कहती हैं कि इस घटना में सबसे पहले स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठता है. ऐसी घटना को रोका जा सकता था. एडवोकेट पारस का कहना है कि नाबालिग बच्चे के मामले में उसकी उम्र के अनुसार कानून लागू होगा. सात साल से कम उम्र के बच्चे के कृत्य को अपराध नहीं माना जाता.
मांग कर सकते हैं मुआवजा
कविता वर्मा बताती हैं कि बच्चे की उम्र और उसकी समझ कानूनी कार्रवाई तय करने में अहम भूमिका निभाती है. भारतीय न्याय संहिता की धारा 20 के अनुसार सात साल से कम उम्र के बच्चे के कृत्य को अपराध नहीं माना जाता. सात से बारह साल की उम्र के बच्चे के मामले में यह देखा जाता है कि उसे अपने काम की प्रकृति और परिणाम समझने की पर्याप्त समझ थी या नहीं. घटना के पीछे किसी के उकसाने या गलत माहौल की भूमिका है या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए. बच्ची के परिजन इलाज और नुकसान के लिए उचित कानूनी मंच पर मुआवजे की मांग कर सकते हैं. कविता वर्मा का कहना है कि बच्चे के जीवन में माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका सबसे जरूरी होती है. बच्चे घर और स्कूल में जो देखते और सीखते हैं, उसका असर उनके व्यवहार पर पड़ता है. इसलिए दोनों को बच्चों की गतिविधियों और संगति पर ध्यान देना चाहिए.
स्कूल की जिम्मेदारी तय करना जरूरी
एडवोकेट पारस का कहना है कि नाबालिग बच्चे के मामले में उसकी उम्र के अनुसार कानून लागू होगा. अगर बच्चा सात साल से कम उम्र का है तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई नहीं हो सकती. हालांकि, स्कूल में सीसीटीवी कैमरे होने के बावजूद शिक्षकों की निगरानी नहीं थी तो स्कूल प्रबंधन और संबंधित जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए. बच्ची के परिजन सिविल कोर्ट में मुआवजे की मांग भी कर सकते हैं. ऐसे मामलों में स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी तय करना जरूरी है, ताकि भविष्य में बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही न हो.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…










