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Faridabad News: दिवाली और छठ पर घर जाने की चाह, लेकिन सफर की परेशानी ने तोड़ी उम्मीद. फरीदाबाद में रहने वाले बिहार के लोगों को घर जाने के लिए दिल्ली के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. ऐसे में बिहार जाने वाले यात्रियों ने अपनी परेशानी के बारे में बताया और सरकार से गुहार लगाई.
फरीदाबाद: दिवाली और छठ पूजा का त्योहार आते ही दूसरे शहरों में काम करने वाले लोगों को अपने घर और परिवार की याद सताने लगती है. कोई बच्चों के साथ त्योहार मनाना चाहता है, तो कोई गांव में परिवार के साथ छठ पूजा करने की तैयारी करता है. लेकिन फरीदाबाद में रहने वाले बिहार के कई लोगों के लिए घर लौटने की यह इच्छा इस बार भी अधूरी रह गई है.
इसकी वजह है बिहार जाने के लिए फरीदाबाद से सीधी बस और ट्रेन की सुविधा नहीं होना. वहीं, उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों को बसें मिल रही हैं और वे आसानी से अपने गांव की ओर रवाना हो रहे हैं. ऐसे में बिहार जाने वाले लोगों का कहना है कि हर साल त्योहार के समय उन्हें दिल्ली के चक्कर लगाने पड़ते हैं. वहां इतनी भीड़ होती है कि ट्रेन पकड़ना भी किसी चुनौती से कम नहीं है.
घंटों करना पड़ता है इंतजार
रामबाबू बताते हैं कि मैं महुआ का रहने वाला हूं और अपने गांव जा रहा हूं. पिछले 12 साल से यहां काम कर रहा हूं. बस से जाने के लिए आया हूं और करीब एक घंटे से इंतजार कर रहा हूं. अभी बस नहीं आई है. उम्मीद है कि जल्द बस मिल जाएगी और घर पहुंच जाऊंगा. भरत सिंह बताते हैं कि मैं ललितपुर का रहने वाला हूं और अपने गांव जा रहा हूं. बल्लभगढ़ से ललितपुर के लिए सीधी बस मिल जाती है. दिल्ली से कम से कम आठ बसें आती हैं. कभी बस समय पर पहुंच जाती है, तो कभी थोड़ा इंतजार करना पड़ता है. उत्तर प्रदेश जाने वालों के लिए बस की सुविधा है, इसलिए ज्यादा परेशानी नहीं होती.
दिवाली और छठ पर गांव जाने का होता है मन
विनोद गर्ग बताते हैं कि मैं बिहार के छपरा जिले का रहने वाला हूं और पिछले 15 से 20 साल से फरीदाबाद में रिक्शा चला रहा हूं. दिवाली और छठ पर गांव जाने का मन था, लेकिन इस बार नहीं जा पाया. यहां से बिहार के लिए न तो सीधी बस है और न ही ट्रेन. दिल्ली जाना पड़ता है. वहां पुरानी दिल्ली, नई दिल्ली हो या आनंद विहार हर जगह इतनी भीड़ रहती है कि धक्के खाते हुए जाना पड़ता है.
उन्होंने कहा कि हमारे लिए फरीदाबाद से कोई सीधी सुविधा नहीं है. सरकार को बिहार के लिए यहां से बस या ट्रेन चलानी चाहिए. बिहार जाने का मेरा भी मन था, लेकिन भीड़ के कारण और टिकट नहीं मिलने के कारण नहीं जा पाए. फरीदाबाद से शायद बस या ट्रेन चलती तो आज हम भी बिहार में त्योहार मना रहे होते.
हर साल झेलनी पड़ती है समस्या
जीतेन पासवान बताते हैं कि मैं बिहार का रहने वाला हूं और छठ पूजा पर अपने गांव जाना चाहता था. लेकिन हर साल ट्रेन और बस को लेकर परेशानी होती है. कई बार दो घंटे पहले निकलते हैं, फिर भी ट्रेन छूट जाती है. इस बार भी घर नहीं जा पाएंगे. मजबूरी में यहीं रहना पड़ रहा है. छठ पूजा बिहार में परिवार के साथ मनाने की इच्छा थी, लेकिन अब फरीदाबाद में ही मनाना पड़ेगा. सरकार को छठ के समय फरीदाबाद से बिहार के लिए विशेष ट्रेन और बस चलानी चाहिए. पहले बिहार के लिए एक ट्रेन चलती थी तूफान एक्सप्रेस, लेकिन वो भी बंद कर दिया. अब एक भी ट्रेन फरीदाबाद या बल्लभगढ़ स्टेशन से नहीं चलती है.
फरीदाबाद में रहने वाले बिहार के लोगों की मांग है कि त्योहारों के समय उनके लिए भी सीधी बस और ट्रेन की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें दिल्ली जाकर भीड़ में परेशान न होना पड़े और वे भी अपने परिवार के साथ दिवाली और छठ का त्योहार मना सकें.










