हरियाणा की सैनी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ को हिसार जिले में अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिल पा रहा है। इस योजना के तहत जिले की 50% से भी कम पात्र महिलाओं ने अब तक अपना पंजीकरण कराया है। आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 1 लाख 47 हजार 600 महिलाएं इस योजना के लिए पात्र हैं, लेकिन इनमें से केवल 72 हजार ने ही रजिस्ट्रेशन करवाया है।
क्यों हिचकिचा रही हैं महिलाएं? सरकार ने पहचानी वजह
प्रशासन का मानना है कि इसकी एक बड़ी वजह महिलाओं के बीच फैली एक गलतफहमी है। कई लोगों को यह डर सता रहा है कि अगर उन्होंने इस योजना में नाम दर्ज करा लिया, तो उन्हें बीपीएल कार्ड सहित अन्य कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। इस भ्रम के चलते, पात्र होने के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं पंजीकरण से कतरा रही हैं।
घर-घर जाकर किया जा रहा सर्वे और जागरूकता अभियान
इस चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन ने सक्रिय होकर कदम उठाए हैं। नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) की ओर से ग्राम पंचायत स्तर के ऑपरेटरों को लगाया गया है, जो घर-घर जाकर एक सर्वे कर रहे हैं। वे उन महिलाओं से सीधे संपर्क कर रहे हैं, जिन्होंने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है। इस दौरान उनसे रजिस्ट्रेशन न कराने का कारण पूछा जा रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति का ब्योरा भी एकत्र किया जा रहा है।
अधिकारियों ने दिया स्पष्टीकरण, कहा- ‘बीपीएल कार्ड नहीं कटेगा’
क्रीड के जिला प्रबंधक अभिषेक बंसल ने इस भ्रम को दूर करने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाडो लक्ष्मी योजना में रजिस्ट्रेशन कराने से किसी का बीपीएल कार्ड नहीं कटेगा और न ही अन्य योजनाओं का लाभ बंद होगा। उन्होंने बताया कि गांव स्तर पर कैंप लगाकर और घर-घर जाकर महिलाओं को योजना के बारे में जागरूक किया जा रहा है तथा पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी जा रही है।
1 नवंबर 2025 से शुरू हुई इस योजना के पहले चरण में एक लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवारों की महिलाओं को 2,100 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जानी है। प्रशासन की कोशिश है कि जिले की हर एक पात्र महिला तक इस योजना का लाभ पहुंच सके।












