सोनीपत के पेंटर विनोद की दीवानगी: धर्मेंद्र की मौत पर घर में नहीं जला चूल्हा, बेटे का नाम रखा हीमेंद्र, दुकान में 350 पोस्टर

On: November 26, 2025 8:42 AM
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बॉलीवुड के ‘हीमैन’ धर्मेंद्र के निधन ने उनके लाखों फैंस को दुखी कर दिया है, लेकिन हरियाणा के सोनीपत में रहने वाले एक पेंटर के लिए यह एक निजी त्रासदी से कम नहीं है। कोट मोहल्ला बीज मार्केट के रहने वाले विनोद इंदोरा इतने बड़े धर्मेंद्र फैन हैं कि उन्होंने अपना नाम बदलकर धर्मेंद्र रख लिया, अपने बेटे का नाम हीमेंद्र रखा और अपनी दुकान में धर्मेंद्र की फिल्मों के 350 से अधिक पोस्टर लगा रखे हैं।

24 नवंबर को धर्मेंद्र के निधन की खबर मिलते ही इस सुपरफैन का दिल टूट गया। वे बताते हैं, “मेरा भगवान दुनिया से चला गया। उस दिन हमारे घर में चूल्हा तक नहीं जला। मैं उन्हें अपने दिल-दिमाग में हर पल जिंदा रखूंगा।”

बचपन से शुरू हुई दीवानगी, नाम बदलकर रख लिया ‘धर्मेंद्र’

पेशे से पेंटर विनोद बचपन से ही धर्मेंद्र की फिल्मों के दीवाने थे। 11वीं कक्षा के बाद उनकी यह दीवानगी इतनी बढ़ी कि उन्होंने अपना नाम बदलकर धर्मेंद्र रख लिया। आज पूरा सोनीपत उन्हें ‘पेंटर धर्मेंद्र’ के नाम से जानता है। वह अपनी दुकान में बने एक छोटे से मंदिर में रोजाना धर्मेंद्र की तस्वीर की पूजा करते हैं।

बेटे का नाम धर्मेंद्र ने खुद रखा ‘हीमेंद्र’

विनोद की दीवानगी सिर्फ नाम बदलने तक ही सीमित नहीं है। जब उनके बेटे का जन्म हुआ, तो उन्होंने प्रतिज्ञा की कि वह तब तक बेटे का मुंह नहीं देखेंगे, जब तक खुद धर्मेंद्र उसका नामकरण नहीं करते। 2012 में पहली बार मुंबई में धर्मेंद्र से मिलने के बाद, उन्होंने फोन करके बेटे का नाम ‘हीमेंद्र’ सुझाया – ‘हीमैन’ और ‘धर्मेंद्र’ के नाम को जोड़कर। विनोद ने अपनी बेटी का नाम भी धर्मेंद्र की मशहूर फिल्म ‘प्रतिज्ञा’ के नाम पर रखा।

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पेंटर धर्मेंद्र की परिवार के साथ फाइल फोटो। चेक शर्ट में हीमेंद्र है, जिसका धर्मेंद्र ने नामकरण किया था।

दो बार हुई थी मुलाकात, एल्बम भेंट की

विनोद ने 2012 और 2015 में दो बार मुंबई जाकर धर्मेंद्र से मुलाकात की। पहली मुलाकात में वह इतने भावुक हो गए थे कि उनकी जुबान नहीं खुली। दूसरी मुलाकात में उन्होंने धर्मेंद्र की सभी फिल्मों के नाम एक कविता के रूप में लिखकर एक एल्बम भेंट की, जिसे देखकर धर्मेंद्र खुद उनके मुरीद हो गए।

इस साल 8 दिसंबर को धर्मेंद्र के जन्मदिन पर वह तीसरी बार अपने बेटे हीमेंद्र को लेकर मिलने जाना चाहते थे, लेकिन इससे पहले ही उनके ‘भगवान’ ने दुनिया को अलविदा कह दिया। आज भी उनकी दुकान पर लगे सैकड़ों पोस्टर और तस्वीरें धर्मेंद्र के प्रति एक फैन की अटूट श्रद्धा की कहानी कहते हैं।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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