कॉल डिटेल और नए सिम ने खोला कत्ल का राज, युवराज हत्याकांड में अन्या और उसका साथी हुआ बेनकाब, अरेस्‍ट

On: September 17, 2026 10:47 PM
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कॉल डिटेल और सिम ने खोला राज, युवराज हत्याकांड में अन्या और उसका साथी बेनकाब

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दिल्ली के लाजपत नगर से 6 सितंबर को लापता हुए 31 साल के युवराज सिंह मनचंदा मामले में दिल्‍ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस मामले में दिल्‍ली पुलिस ने उसकी पूर्व महिला सहकर्मी और उसके एक साथी को उत्‍तराखंड से अरेस्‍ट किया गया है. क्‍या है पूरा मामला, जानने के लिए पढ़ें आगे…

कॉल डिटेल और सिम ने खोला राज, युवराज हत्याकांड में अन्या और उसका साथी बेनकाबZoom

लाजपत नगर से लापता युवराज सिंह मनचंदा की हत्या के मामले में पुलिस ने अन्या वत्स और संयम सचदेवा को अरेस्‍ट किया है. (एआई इमेज)

दिल्‍ली क्राइम न्‍यूज. दिल्ली के लाजपत नगर इलाके से 6 सितंबर को लापता हुए 31 साल के युवक युवराज सिंह मनचंदा के मामले में दिल्‍ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने युवराज की पूर्व ऑफिस सहकर्मी अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है. पुलिस अब हत्या की वजह और वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है.

बहन के साथ शॉपिंग करने निकला था युवराज

  • दिल्‍ली पुलिस के अनुसार, युवराज सिंह मनचंदा सरिता विहार का रहने वाला था. 6 सितंबर को वह अपनी बहन के साथ लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट में शॉपिंग करने गया था. इसके बाद दोनों लाजपत नगर-2 के के-ब्‍लॉक स्थित गोल्डन ड्रैगन रेस्टोरेंट पहुंचे.
  • शाम करीब 4 बजे युवराज ने अपनी बहन से कहा कि उसकी गुरुग्राम में एक मीटिंग है. उसने यह भी कहा कि वह रात करीब 10 बजे तक वापस घर लौट आएगा. इसके बाद युवराज रेस्टोरेंट से निकल गया. लेकिन रात होने के बाद भी वह घर नहीं लौटा.
  • परिवार ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिला. इसके बाद परिवार ने अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की. काफी तलाश के बावजूद जब युवराज का कुछ पता नहीं चला, तब उसकी बहन ने 11 सितंबर को शाम लाजपत नगर थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई.
  • शिकायत के आधार पर लाजपत नगर था पुलिस ने एफआईआर दर्जर कर जांच शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने युवराज के मोबाइल और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की.

आखिरी बार पूर्व सहकर्मी अनन्‍या से हुई थी बात

  • जांच के दौरान पुलिस ने युवराज के मोबाइल से जुड़े सीडीआर और आईपीडीआर रिकॉर्ड की जांच की. इससे पुलिस को पता चला कि लापता होने से पहले युवराज ने अपनी पूर्व ऑफिस सहकर्मी अन्या वत्स से बात की थी. परिवार से बातचीत में भी यह बात सामने आई कि युवराज ने बताया था कि वह गुरुग्राम में अन्या से मिलने जा रहा है.
  • इसके बाद पुलिस के लिए अन्या को खोजना शुरू किया. जांच के पाया गया कि युवराज और अन्या दोनों के मोबाइल फोन बाद में बंद हो गए थे. पुलिस ने मामले की कड़ी जोड़ने के लिए लाजपत नगर और दूसरे संभावित इलाकों की सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू की.
  • स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई. इसके साथ ही युवराज और अन्या के ऑफिस से जुड़े लोगों से भी जानकारी जुटाई गई. जांच आगे बढ़ी तो पुलिस का शक पूरी तरह से अन्या वत्स पर केंद्रित हो गया. इसके बाद, पुलिस अनन्‍या वत्‍स की तलाश में जुट गई.
  • इसी दौरान पुलिस को पता चला कि अन्या एक नए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रही है. पुलिस ने इस नंबर के कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन खंगालना शुरू कर दिया. लंबी कवायद के बाद अनन्‍या की लोकेशन पुलिस के हाथ लग गई और लाजपत नगर थाना की पुलिस उसे पकड़ने निकल पड़ी.

नए नंबर ने पुलिस को पहुंचाया उत्तराखंड

पुलिस के मुताबिक, नए मोबाइल नंबर की जांच से अन्या की लोकेशन उत्तराखंड में मिली. इसके बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम उत्तराखंड पहुंची. वहां पुलिस ने अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा को ट्रेस कर पकड़ लिया. दोनों को दिल्ली लाकर पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान अन्या और संयम ने युवराज सिंह मनचंदा की हत्या में हाथ होने की बात कबूल ली. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने यह भी बताया कि हत्या के बाद युवराज के शव को गुरुग्राम में उनके घर के पास एक नाले में फेंक दिया गया था. इसके बाद दिल्‍ली पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस से संपर्क किया.

10 सितंबर को गुरुग्राम के नाले से मिला था शव

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि 10 सितंबर को गुरुग्राम के बादशाहपुर थाना क्षेत्र में एक नाले से अज्ञात शव बरामद हुआ था. पुलिस ने बरामद शव की तस्वीरें जब युवराज के परिवार के सदस्यों को दिखाया तो उन्‍होंने शव की पहचान युवराज सिंह मनचंदा के रूप में की. पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच और जुटाए गए सबूतों के आधार पर अन्या वत्स और संयम सचदेवा की युवराज की हत्या और उसके शव को ठिकाने लगाने में प्रथम दृष्टया भूमिका सामने आई है. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने दोनों को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.

हत्या की वजह का पता लगाने में जुटी पुलिस

अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवराज की हत्या कब और किस जगह की गई. साथ ही, वारदात में अन्या और संयम की क्या-क्या भूमिका थी और हत्या के बाद शव को गुरुग्राम के नाले तक कैसे पहुंचाया गया. इसके अलावा हत्या के पीछे की वजह क्या थी. इन तमाम सवालों का जवाब जानने के लिए पुलिस ने आरोपी अनन्‍या और संयम से पूछताछ शुरू कर दी हे. पूछताछ के बाद मामले में घटनाओं की पूरी कड़ी और स्पष्ट हो सकेगी.

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अनूप कुमार मिश्रAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…

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वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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