हरियाणा की राजनीति में रोहतक डीसी को दिए गए अल्टीमेटम और ‘याददाश्त तेज होने’ के इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला के बयान पर नया मोड़ आ गया है। कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया के बाद अब जजपा नेता एवं पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने इस मामले में प्रवेश किया है और अभय चौटाला पर करारा सियासी तंज कसा है।
दुष्यंत चौटाला का अभय चौटाला पर सीधा हमला
मीडिया द्वारा अभय चौटाला की ‘याददाश्त तेज होने’ के बयान पर पूछे गए सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा, “याददाश्त तो कमजोर है।” उन्होंने अपने बयान में प्रो. संपत सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस व्यक्ति को इनेलो में शामिल करवाया गया, उसी ने चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के खिलाफ मोर्चा खोला था।
दुष्यंत चौटाला के प्रमुख आरोप
दुष्यंत चौटाला ने करनाल में आयोजित एक जजपा कार्यक्रम के दौरान अभय चौटाला पर कई गंभीर आरोप लगाए:
| आरोप का विवरण | दुष्यंत चौटाला का तर्क |
|---|---|
| प्रो. संपत सिंह का इनेलो में शामिल होना | संपत सिंह ने 2009 में ओपी चौटाला के खिलाफ बोलकर पार्टी को नुकसान पहुंचाया |
| पार्टी से नेताओं के पलायन का दोष | संपत सिंह के बाद बहादुर सिंह, एमएल रंगा, कैलाश सैनी जैसे कई नेता पार्टी छोड़कर चले गए |
| डॉ. अजय सिंह चौटाला का मामला | रामपाल माजरा को भगाने वाले डॉ. अजय सिंह चौटाला को 2018 में ही पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है |
| रामपाल माजरा का रोल | रामपाल माजरा 2019 चुनाव में इनेलो से अर्जुन का कवरिंग एजेंट था |
विवाद की पृष्ठभूमि
यह पूरा विवाद 3 नवंबर को शुरू हुआ जब रोहतक में इनेलो के किसान प्रदर्शन के दौरान अभय चौटाला ने डीसी सचिन गुप्ता को आधे घंटे का अल्टीमेटम दिया था। अभय चौटाला ने कहा था कि “हमारी याददाश्त बहुत अच्छी है” और डीसी से ज्ञापन लेने आने को कहा था। जब डीसी सचिन गुप्ता मौके पर पहुंचे तो अभय चौटाला ने उनसे सीधे तौर पर पूछा कि वह सिरसा से हैं तो उनकी आदतों से परिचित होंगे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस बयान के बाद कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने अभय चौटाला की आलोचना करते हुए आईएएस अधिकारी सचिन गुप्ता का समर्थन किया था। अब दुष्यंत चौटाला के इस बयान के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि रोहतक डीसी विवाद अब हरियाणा की राजनीति का एक प्रमुख मुद्दा बन गया है और विपक्षी दल इसे जोर-शोर से उठा रहे हैं।













