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Diwali Puja Subh Muhurat: इस बार दीपावली रविवार 8 नवंबर को मनाई जा रही है. ज्योतिषाचार्य पंडित प्रेम कुमार शर्मा ने दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा का मुहूर्त निर्धारित किया है. आइए जानते हैं कि 8 नवंबर को दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है.
दिवाली पूजा मुहूर्त
कुरुक्षेत्र: दीपावली पर मां लक्ष्मी के आठ स्वरुपों की पूजा करने से उनकी कृपा बरसती है. इस बार दीपावली 8 नवंबर को पड़ रही है. दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त निर्धारित किया गया है. राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित ज्योतिषाचार्य पंडित प्रेम कुमार शर्मा ने पूजा मुहूर्त को लेकर सारी जानकारी दी है. आइए जानते हैं कि 8 नवंबर को कितने बजे का शुभ मुहूर्त निर्धारित है.
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रेम कुमार शर्मा के अनुसार, मां लक्ष्मी के पूजन के लिए 8 नवंबर को शाम 5 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 47 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा. दीपों का पर्व दीपावली, मां लक्ष्मी की आराधना और सुख-समृद्धि की कामना का महापर्व है, इस दिन हर घर में दीप जलेंगे, मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाएगी.
सूर्य उदय के समय चतुर्दशी तिथि
बता दें कि दीपावली पर्व को लेकर जहां बाजारों में खूब रौनक है, तो वहीं दीपावली पर्व की तैयारियों में लोग जुटे हुए हैं. बाजार में पहुंचकर लोग खरीदारी में जुटे हैं. ज्योतिषाचार्य पंडित प्रेम कुमार शर्मा ने बताया कि इस बार दीपावली रविवार को मनाई जा रही है. सुबह सूर्य उदय के समय चतुर्दशी तिथि रहेगी, जबकि सुबह 11 बजकर 28 मिनट पर अमावस्या शुरू हो जाएगी और कुरुक्षेत्र में शाम 5 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 47 मिनट तक लक्ष्मी पूजन का विशेष शुभ मुहूर्त रहेगा.
मां लक्ष्मी के 8 स्वरूपों की आराधना
पंडित प्रेम कुमार शर्मा के मुताबिक, दीपावली पर मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व है. मां लक्ष्मी धन और संपन्नता का प्रतीक हैं, जबकि भगवान विष्णु हमें धर्म और सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं. उन्होंने बताया कि दीपावली पर्व पर मां लक्ष्मी के आठ स्वरूपों की आराधना की जाती है, जिनमें विद्या, सौभाग्य, सत्य, भोग और योग लक्ष्मी भी शामिल हैं. इसके साथ भगवान गणेश, कुबेर और मां सरस्वती की पूजा का भी विधान है.
दीपावली पर घर के मुख्य द्वार यानी देहली विनायक की पूजा, स्वस्तिक बनाने और बही-खातों की आराधना का भी विशेष महत्व है. व्यापारी अपने खातों, लेखनी और तराजू का पूजन कर नए साल में कारोबार की उन्नति की कामना करते हैं. वहीं निर्माण कार्य से जुड़े लोग भैया दूज पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा करेंगे.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.










