हरियाणा के फरीदाबाद में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने नगर निगम मुख्यालय में तैनात संयुक्त आयुक्त की असिस्टेंट को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान मोनिका भाटिया के रूप में हुई है, जो एनआईटी कार्यालय में एचकेआरएम के तहत कार्यरत थी।
मैरिज सर्टिफिकेट के नाम पर मांगी 2000 रुपये रिश्वत
जानकारी के अनुसार आरोपी महिला ने मैरिज सर्टिफिकेट जारी करने के बदले 2000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इस संबंध में डबुआ कॉलोनी निवासी एडवोकेट धनराज ने एसीबी से शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि बिना रिश्वत दिए संबंधित कार्य करने से मना किया जा रहा था।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई और आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप तैयार किया।
ट्रैप के दौरान रंगे हाथ पकड़ी गई आरोपी
एसीबी इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। शिकायतकर्ता को चिन्हित 2000 रुपये देकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी महिला ने पैसे स्वीकार किए, एसीबी की टीम ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया।
टीम ने रिश्वत की राशि को भी बरामद कर लिया और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
पूछताछ जारी, हो सकती हैं और खुलासे
एसीबी अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस मामले में अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं या नहीं।
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और जांच एजेंसियों की सख्ती को दर्शाती है। एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तुरंत संबंधित विभाग में करें।












