हरियाणा सरकार ने पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (UHS) और पीजीआईएमएस रोहतक में कार्यरत 1,250 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। वित्त विभाग और मानव संसाधन विभाग की सभी शर्तें पूरी पाए जाने के बाद इन कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) में ट्रांसफर करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, मानव संसाधन विभाग ने 13 अगस्त 2024 को जारी सरकारी निर्देशों में एक बार की छूट देने पर सहमति जता दी है, जिससे आउटसोर्स कर्मचारियों का डाटा HKRN पोर्टल पर अपलोड किया जा सकेगा। यह छूट 8 जुलाई 2025 तक निर्धारित शर्तों के अधीन प्रभावी रहेगी।
7 महीनों से आंदोलन कर रहे थे कर्मचारी
गौरतलब है कि ये कर्मचारी फिलहाल राज्य की आउटसोर्सिंग नीति के तहत निजी एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत हैं। नौकरी की सुरक्षा, स्थायित्व और अन्य लाभों की मांग को लेकर कर्मचारी लंबे समय से HKRN में शामिल किए जाने की मांग कर रहे थे।
कर्मचारियों का एक वर्ग पिछले सात महीनों से आंदोलन कर रहा है। हाल ही में उन्होंने कुरुक्षेत्र में विरोध मार्च भी निकाला था, जिसके बाद सरकार पर फैसला लेने का दबाव बढ़ा।
कानून के अनुसार निपटाए जाएंगे सभी मामले
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि UHS के कुलपति ने भरोसा दिलाया है कि आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े किसी भी लंबित दीवानी मामले या अन्य मुकदमेबाजी को विश्वविद्यालय अपने स्तर पर कानून के अनुसार निपटाएगा।
इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने HKRN प्रबंधन से पोर्टल खोलने का अनुरोध करने का निर्णय लिया है, ताकि कानूनी प्रक्रियाओं के साथ-साथ कर्मचारियों का आवश्यक डाटा अपलोड किया जा सके।
निदेशक और कुलपति को दिए गए निर्देश
इस फैसले के अनुरूप UHS के कुलपति और PGIMS रोहतक के निदेशक को आगे की कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आदेश की प्रतियां वित्त विभाग और मानव संसाधन विभाग को भी भेज दी गई हैं।
इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए UHS के कुलपति प्रो. एचके अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने पहले ही राज्य सरकार से HKRN पोर्टल खोलने का अनुरोध कर दिया है, ताकि आउटसोर्स कर्मचारियों का विवरण जल्द से जल्द अपलोड किया जा सके।












