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Karnal Murder Case: हरियाणा के करनाल में 14 वर्षीय क्रिकेटर प्रतीक की हत्या का खुलासा हो गया है और लड़की से दोस्ती को लेकर हुई रंजिश में दलजीत और उसके दो नाबालिग साथियों ने हत्या कर दी थी. पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़ा. 6 महीने पहले भी दिलजीत और प्रतीक के बीच बहस हुई थी. तब बात सुलझ गई थी.
करनाल. हरियाणा के करनाल के धौलगढ़ गांव में 14 वर्षीय छात्र और उभरते क्रिकेट खिलाड़ी प्रतीक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. जांच में सामने आया है कि इस सनसनीखेज वारदात की जड़ एक लड़की से दोस्ती है.
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी दलजीत की एक लड़की से दोस्ती थी, वो लड़की की प्रतीक की क्लासमेट थी. प्रतीक भी उस लड़की से बात करना चाहता था, यहीं से लड़ाई की शुरुआत हुई. 6 महीने पहले भी दिलजीत और प्रतीक के बीच बहस हुई थी. तब बात सुलझ गई थी. दोबारा से प्रतीक की उसी लड़की से बातचीत हुई होगी और ये बात दिलजीत को पता चली तो उसके बाद इसी रंजिश ने ऐसी खौफनाक साजिश को जन्म दिया, जिसमें परिवार के इकलौते बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई.
पुलिस के मुताबिक, वारदात वाले दिन प्रतीक उचाना स्थित हनुमान मंदिर से प्रसाद लेकर बाइक पर अपने गांव धौलगढ़ लौट रहा था. रास्ते में खेतों के पास पहले से घात लगाए बैठे दलजीत और उसके दो नाबालिग साथियों ने उसे रोक लिया. इसके बाद लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से उस पर ताबड़तोड़ हमला किया गया. गंभीर चोटों के कारण प्रतीक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इस निर्मम हत्या से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश फैल गया.
डीएसपी संदीप कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि पुलिस ने सीआईए-1, सीआईए-2 और सदर थाना की संयुक्त टीम बनाकर मामले की गहन जांच की. पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि दलजीत की दोस्ती स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा से थी. पुलिस के अनुसार प्रतीक की भी उस लड़की से बातचीत हो गई, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच कुछ महीने पहले विवाद भी हुआ था. उसी रंजिश को आरोपी ने मन में रख लिया और हत्या की साजिश रच डाली. वारदात के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 10 से 12 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी दलजीत और उसके दो नाबालिग साथियों को हिरासत में ले लिया. पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हुआ. पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है.
डीएसपी संदीप कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी दलजीत को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा. रिमांड के दौरान वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, लाठी-डंडे और अन्य हथियार बरामद किए जाएंगे. वहीं दोनों नाबालिग आरोपियों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
14 साल का था प्रतीक
प्रतीक सिर्फ 14 साल का था और पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी बेहद प्रतिभाशाली माना जाता था. इसी वर्ष मई में उसने राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था. परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन एक रंजिश ने उन सभी सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया. अब गांव और परिवार की एक ही मांग है कि दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिले.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें












