Haryana News: हरियाणा में बढ़ते प्रदूषण को नियत्रिंत करने के लिए प्रदेश की सैनी ने सरकार ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। सरकार सर्दियों के मौसम से पहले ही प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए कई सख्त कदम उठा रही है। इसी कड़ी में सरकार ने 1 अक्टूबर से ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नीति लागू कर दी है। आने वाले समय में नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जाएंगी। वहीं लगभग 1,000 किलोमीटर शहरी सड़कों का पुनर्विकास किया जाएगा तथा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और उद्योगों के विरुद्ध कार्रवाई और तेज की जाएगी।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के तहत आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इन बहु-क्षेत्रीय पहलों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित सभी विभागों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि सर्दियों के मौसम से पहले प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी उपाय पूरी तरह लागू हो सकें।
परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजशेखर वुंडरू ने बताया कि वर्ष 2026 के दौरान गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल और रोहतक में 925 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना है। वर्तमान में 70 इलेक्ट्रिक बसें पहले से संचालित हैं, जबकि 385 अतिरिक्त बसों के लिए खरीद आदेश जारी किए जा चुके हैं। शेष बसों की खरीद हाई पावर्ड परचेज कमेटी की स्वीकृति के बाद चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। इससे वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी आएगी और स्वच्छ एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
वायु प्रदूषण की प्रभावी निगरानी के लिए राज्य सरकार वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क का भी विस्तार कर रही है। वर्तमान में राज्य में 22 निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र संचालित हैं, जबकि 23 नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे इनकी कुल संख्या बढ़कर 45 हो जाएगी। दो स्टेशनों के लिए जुलाई के मध्य तक कार्यादेश जारी होने की संभावना है, जबकि शेष स्टेशनों के लिए शीघ्र ही निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। विस्तारित नेटवर्क को 30 सितंबर से पहले पूरी तरह संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सर्दियों के दौरान वायु गुणवत्ता की रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित हो सके।
वाहनों से होने वाले प्रदूषण नियंत्रण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने 1 अक्टूबर, 2026 से लागू होने वाली ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ पहल की तैयारियों का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा के एनसीआर जिलों के सभी 2,780 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) प्रणाली स्थापित की जा रही है। पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और सोनीपत के 775 पेट्रोल पंपों को कवर किया जाएगा, जबकि शेष 2,005 पेट्रोल पंपों पर भी निर्धारित समय-सीमा से पहले यह प्रणाली स्थापित कर दी जाएगी। इसके लागू होने के बाद ईंधन भरवाने से पहले वाहन के पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (पीयूसीसी) का इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन किया जाएगा।
एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष प्रवर्तन अभियान में उल्लेखनीय तेजी लाई गई है। अब तक 2,883 पुराने वाहन जब्त, 2,010 वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं तथा स्वैच्छिक रूप से वाहनों को हटाने के लिए 6,054 अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी किए गए हैं।













