Haryana: हरियाणा में गरीब परिवारों को मिलेगा अपना घर, सरकार ने आवास परियोजनाओं को दी मंजूरी

On: April 15, 2026 2:46 AM
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Haryana News: हरियाणा में शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (PMAY-U) 2.0 के तहत राज्य के 60 शहरी स्थानीय निकायों में 2,646 लाभार्थियों के लिए आवास परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। यह निर्णय मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC) की बैठक में लिया गया।

बैठक में 51 शहरी स्थानीय निकायों के 2,409 लाभार्थियों की परियोजनाएं स्वीकृत की गईं, जबकि 9 अन्य निकायों से प्राप्त 237 अतिरिक्त लाभार्थियों को भी मंजूरी दी गई। इस प्रकार इस चरण में कुल 2,646 परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा।

हाउसिंग फॉर ऑल विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन ने बताया कि केंद्र सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर अब तक 1,69,483 लोगों ने आवास के लिए आवेदन किया है। इनमें से 97,584 आवेदन बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC) और 71,899 आवेदन अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (AHP) श्रेणी में हैं। अब तक 46,902 आवेदनों का सत्यापन किया जा चुका है, जिनमें 17,465 स्वीकृत और 29,437 अस्वीकृत किए गए हैं।

इसके अलावा, 12,552 मकानों की जियो-टैगिंग पूरी की जा चुकी है, जो केंद्रीय सहायता जारी करने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। केंद्र सरकार द्वारा अब तक 17,430 लाभार्थियों की परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है और 2,174 मकानों के लिए 1,304.40 लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी की गई है।

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पक्का मकान बनाने के लिए 2.50 लाख रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें 1.50 लाख रुपये केंद्र सरकार और 1.00 लाख रुपये राज्य सरकार देती है। मकानों का न्यूनतम कार्पेट एरिया 30 वर्ग मीटर और अधिकतम 45 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है।

बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तकनीकी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। इसके तहत 32 सिटी लेवल टेक्निकल सेल क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जो सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों और 3 शहरी विकास प्राधिकरणों में कार्य करेंगे।

क्षमता निर्माण के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 704.45 लाख रुपये और 2026-27 में 772.85 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। यह खर्च केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 अनुपात में साझा किया जाएगा। इसमें जियो-टैगिंग, गुणवत्ता निगरानी, सोशल ऑडिट और प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां शामिल होंगी।

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वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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