पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अभय चौटाला की Z+ सुरक्षा की याचिका पर आज सुनवाई, धमकियों और अपर्याप्त सुरक्षा का किया दावा

On: December 16, 2025 8:36 AM
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अभय चौटाला

इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला की Z+ सिक्योरिटी की मांग को लेकर दायर याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी। चौटाला ने याचिका में आरोप लगाया है कि 15 जून 2023 से 15 जुलाई 2025 तक उन्हें और उनके परिवार को विदेशी नंबरों और अंतरराष्ट्रीय गिरोहों से लगातार जानलेवा धमकियां मिली हैं, जिन्हें “आखिरी चेतावनी” बताया गया। कोर्ट ने पहले ही इस मामले में केंद्र, चंडीगढ़ और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

लगातार धमकियां: चौटाला का दावा है कि कॉलर खुद को गैंगस्टर बताते हैं और उन्हें व उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देते हैं। 15 जुलाई 2025 को उनके बेटे कर्ण चौटाला को भी वॉट्सएप कॉल और वॉयस मैसेज के जरिए धमकी मिली।

सरकारी लापरवाही का आरोप: याचिका में कहा गया है कि दो वर्षों में कई बार शिकायत और सुरक्षा बढ़ाने के आवेदन देने के बावजूद राज्य सरकार ने पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी। वर्तमान में उन्हें केवल Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, जो राज्य तक सीमित है, जबकि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर यात्रा करनी पड़ती है।

राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ा मामला: चौटाला ने तर्क दिया है कि यह मामला अब व्यक्तिगत सुरक्षा से आगे बढ़कर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ गया है। उन्होंने नफे सिंह राठी हत्याकांड का जिक्र करते हुए आशंका जताई कि इसमें अंतरराष्ट्रीय गिरोह और राजनीतिक विरोधियों का हाथ हो सकता है।

मांग: उन्होंने हाईकोर्ट से 24 घंटे केंद्रीय एजेंसी (NSG कमांडो) द्वारा Z+ या Z श्रेणी की सुरक्षा देने, धमकियों की केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच कराने और पूरी सुरक्षा व्यवस्था केंद्र की निगरानी में रखने की मांग की है।

वर्तमान सुरक्षा (Y+) बनाम मांग (Z+):

  • वर्तमान (Y+): 11 सुरक्षाकर्मी, 1-2 कमांडो, 2 पीएसओ। यह मुख्यतः राज्य स्तर की सुरक्षा है।

  • मांग (Z+): देश की सर्वोच्च श्रेणी, जिसमें 55+ प्रशिक्षित जवान और NSG कमांडो शामिल होते हैं, जो पूरे देश में सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं।

यह मामला एक वरिष्ठ विपक्षी नेता की सुरक्षा चिंताओं और राज्य व केंद्र सरकार की जिम्मेदारियों के बीच तनाव को उजागर करता है। चौटाला की याचिका गंभीर धमकियों और अपर्याप्त सुरक्षा के दावों पर आधारित है। अदालत का आज का फैसला या दिशा-निर्देश इस मामले में महत्वपूर्ण होगा। सुनवाई के दौरान केंद्र और राज्य सरकारें क्या जवाब देती हैं, यह भी देखने योग्य रहेगा।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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