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CJI Surya Kant News: सुप्रीम कोर्ट से लेकर ट्रायल कोर्ट तक में अंग्रेजी भाषा में सुनवाई और अन्य कार्यवाही होती है. हालांकि, समय-समय पर हाईकोर्ट में हिंदी में कार्यवाही होने को लेकर सवाल उठते रहते हैं. अब CJI जस्टिस सूर्यकांत ने इसपर जवाब दिया है.
हाईकोर्ट में हिंदी भाषा में सुनवाई को लेकर CJI जस्टिस सूर्यकांत ने बड़ी बात कही है. (फाइल फोटो)
चंडीगढ़. भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत ने हाईकोर्ट में अंग्रेजी के स्थान पर हिंदी में न्यायिक कार्यवाही के मुद्दे पर बड़ी बात कही है. CJI ने कहा कि यह विषय संबंधित हाईकोर्ट और राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां इस संबंध में सहमति बनेगी, वहां उचित निर्णय लिया जा सकता है. AI के उपयोग पर CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका पहले से ही AI का इस्तेमाल कर रही है और भविष्य में इसका दायरा और बढ़ाया जाएगा. हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि AI का उपयोग सही तरीके से ही किया जाएगा. सीजेआई ने यह भी बताया कि AI के उपयोग से जुड़े दिशा-निर्देश सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं.
सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने जिला अदालत परिसर में नई पार्किंग सुविधा के उद्घाटन के बाद कहा कि इस परियोजना के शुरू होने से वकीलों, फरियादियों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि यह परियोजना लंबे समय से लंबित थी और न्यायपालिका की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना समय की आवश्यकता है. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की पार्किंग समस्या पर पूछे गए सवाल के जवाब में सीजेआई ने कहा कि यह मुद्दा भी गंभीर है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधिकारियों के साथ चर्चा हो चुकी है और उन्हें भरोसा है कि अगली बार उनके दौरे तक इस समस्या के समाधान की दिशा में ठोस प्रगति दिखाई देगी.
लंबित मामलों पर सीजेआई ने कहा कि अक्सर देश में 5 करोड़ लंबित मामलों का आंकड़ा सामने रखा जाता है, लेकिन इसके पूरे संदर्भ को समझना जरूरी है. उनके अनुसार करीब 2 करोड़ मामले न्यायिक प्रक्रिया के सामान्य चरणों जैसे नोटिस जारी होने या जवाब दाखिल होने की स्थिति में हैं. हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि लंबित मामलों का बोझ एक बड़ी चुनौती है, जिसे कम करने के लिए तकनीक, गुणवत्तापूर्ण नियुक्तियों और बेहतर न्यायिक प्रबंधन पर लगातार काम किया जा रहा है.
सीजेआई ने कहा कि तकनीक के उपयोग के मामले में भारतीय न्यायपालिका दुनिया की अग्रणी न्यायिक व्यवस्थाओं में शामिल है. ई-फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई और ऑनलाइन केस ट्रैकिंग जैसी सुविधाओं ने दूरदराज और सामाजिक रूप से वंचित लोगों के लिए न्याय तक पहुंच आसान बनाई है. उन्होंने कहा कि अब कोई भी व्यक्ति अपने शहर या गांव से ही मामला दायर कर सकता है, स्थानीय वकील के माध्यम से सुनवाई में शामिल हो सकता है और ऑनलाइन अपने केस की स्थिति व अगली तारीख की जानकारी प्राप्त कर सकता है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
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