IMD Cyclone Murasu Weather Alert : बंगाल की खाड़ी में और ताकतवर हुआ तूफान मुरासु, कल 120KM की रफ्तार से मचाएगा तबाही, 10 राज्यों में IMD का अलर्ट

On: November 2, 2026 12:39 AM
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देश अभी अनर्ब तूफान से मची तबाही से उबर भी नहीं पाया है कि एक चक्रवाती तूफान नई आफत की दस्तक देने लगा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Murasu) तेजी से ताकतवर हो रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान 2 नवंबर की सुबह तक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. इसके बाद 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है. लैंडफॉल के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जो कि झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकता है.

मुरासु तूफान का असर बस आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा. इसके असर से तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक समेत दक्षिण और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में तूफानी हवाएं और गरज-चमक के साथ मौसम बिगड़ने की आशंका है. IMD ने समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तटीय इलाकों में पानी घुसने की चेतावनी भी दी है. वहीं, उत्तर भारत में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड के मौसम पर भी नजर बनी हुई है.

अभी कहां है मुरासु तूफान?

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान मुरासु 1 नवंबर को सुबह 11:30 बजे दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था. यह चेन्नई से करीब 560 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 660 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और नेल्लोर से लगभग 630 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में मौजूद था. पिछले छह घंटों में करीब 23 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ते हुए यह गहरे दबाव से चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया.

IMD का अनुमान है कि 2 नवंबर की सुबह तक मुरासु गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 2 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है. इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और इनके झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है.

चक्रवात मुरासु के लैंडफॉल के दौरान दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में समुद्र का पानी घुसने का खतरा है. मौसम विभाग ने करीब एक मीटर ऊंची तूफानी लहर उठने की आशंका जताई है. बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में इसका अधिकतम प्रभाव देखने को मिल सकता है. समुद्र की स्थिति 2 नवंबर की सुबह से 3 नवंबर की दोपहर तक बेहद खराब से बहुत खराब रह सकती है.

मछुआरों को दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. आंध्र प्रदेश, उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी और दक्षिण ओडिशा के तटों के आसपास भी अलग-अलग समयावधि के लिए समुद्र में जाने से बचने को कहा गया है.

तमिलनाडु में तबाही वाली बारिश का अलर्ट

मुरासु तूफान का असर तमिलनाडु में भी दिखाई देगा. IMD के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 1 से 7 नवंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है. 1 से 3 नवंबर के दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है. 1 और 2 नवंबर को बहुत भारी बारिश भी हो सकती है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं.

3 से 5 नवंबर के बीच भी तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. वहीं, उत्तर तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय इलाकों में 2 नवंबर की सुबह से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. 2 नवंबर की शाम से 3 नवंबर की सुबह तक हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.

तेलंगाना और रायलसीमा में भी बेहद भारी बारिश की आशंका

तेलंगाना और रायलसीमा में भी तूफान का भारी असर दिख सकता है. रायलसीमा में 2 से 3 नवंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. यहां 2 और 3 नवंबर को 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं.

तेलंगाना में 3 से 4 नवंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना है. 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी और 3 नवंबर को अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. 3 नवंबर को राज्य में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है. तेलंगाना और रायलसीमा में 3 नवंबर को हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंके 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकते हैं.

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी अलर्ट

चक्रवात मुरासु का असर ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल सकता है. ओडिशा में 2 से 4 नवंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है. 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी और 3 से 4 नवंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है. राज्य में 3 और 4 नवंबर को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है.

वहीं छत्तीसगढ़ में 1 और 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. इसके बाद 3 और 4 नवंबर को व्यापक बारिश की संभावना है. 2 नवंबर को भारी और 3 से 4 नवंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और इनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है.

कर्नाटक और केरल में भी बारिश का दौर

कर्नाटक के तटीय और दक्षिण आंतरिक हिस्सों में 2 से 5 नवंबर के बीच व्यापक बारिश हो सकती है. उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 3 से 5 नवंबर तक बारिश का अनुमान है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 से 3 नवंबर और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 3 से 4 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.

केरल और माहे में 1 से 7 नवंबर तक व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है. 1 से 4 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट है. लक्षद्वीप में भी 5 से 7 नवंबर के दौरान बारिश बढ़ सकती है. इस तरह दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रह सकता है.

दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां कल मौसम साफ रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने अगले सात दिनों के दौरान देशभर में अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई है. हालांकि, बुलेटिन में दिल्ली के अधिकतम और न्यूनतम तापमान का कोई निश्चित आंकड़ा नहीं दिया गया है.

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में ट्रफ के रूप में मौजूद है. वहीं, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में बना चक्रवाती परिसंचरण कमजोर पड़ गया है. ऐसे में दिल्ली में फिलहाल बारिश का संकेत नहीं है.

यूपी में बारिश के साथ कोहरे का अनुमान

उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में कल यानी 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने राज्य के कुछ इलाकों में सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाने की भी संभावना जताई है. खासकर सुबह और देर रात सफर करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत हो सकती है. वहीं उत्तराखंड में 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने के दौरान स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी होगा.

उत्तराखंड के साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है. जम्मू-कश्मीर में 5 नवंबर को भी छिटपुट बारिश हो सकती है. फिलहाल उत्तर-पश्चिम भारत के इन राज्यों में किसी बड़े बारिश वाले सिस्टम की चेतावनी नहीं दी गई है.

बिहार और झारखंड में हल्की बारिश की संभावना

बिहार में 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. हालांकि, राज्य के लिए भारी बारिश का कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले सात दिनों में अधिकतम तापमान में भी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.

झारखंड में 1 से 4 नवंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. वहीं, पड़ोसी ओडिशा में 2 से 4 नवंबर के बीच व्यापक बारिश और 3 से 4 नवंबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है. झारखंड के लिए फिलहाल भारी बारिश का कोई विशेष अलर्ट नहीं है, लेकिन आसपास के इलाकों में मौसम की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी होगा.

बाकी हिस्सों का क्या हाल?

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश में 1 से 5 नवंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. 2 नवंबर को यहां भारी बारिश की चेतावनी है. असम और मेघालय के साथ नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 1 से 7 नवंबर तक छिटपुट बारिश का अनुमान है. अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में भी 1 से 7 नवंबर के दौरान बारिश हो सकती है.

पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा मराठवाड़ा में 1 से 5 नवंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. गुजरात क्षेत्र में 1 से 3 नवंबर और सौराष्ट्र-कच्छ में 1 नवंबर को छिटपुट बारिश का अनुमान है. मध्य महाराष्ट्र में 1 से 4 नवंबर के दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं.

चक्रवात मुरासु के कारण बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहने की आशंका है. IMD ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है. दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 4 नवंबर की सुबह तक और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 4 नवंबर की दोपहर तक समुद्र में जाने से बचने को कहा गया है.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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