फरीदाबाद: फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में साहुपुरा रोड की हालत देखकर ऐसा लगता है जैसे सड़क नहीं बल्कि गड्ढों का रास्ता हो गया है. ऊंचा गांव के राठौर चौक से लेकर सेक्टर 62 चौक और आगे डीग गांव तक सड़क जगह-जगह से टूटी हुई है. सड़क पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं कि लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है. राठौर चौक से सेक्टर 62 चौक तक तो सड़क की हालत और भी ज्यादा खराब है. इसी जगह पर पूरी मार्केट है और सड़क खराब होने की वजह से दुकानदारों की दुकानदारी तक प्रभावित हो रही है. स्थानीय लोगों के मुताबिक यह समस्या आज की नहीं बल्कि करीब 5 से 6 साल पुरानी है. हैरानी की बात यह है कि इसी रास्ते से नेता और विधायक भी गुजरते हैं और रोजाना हजारों लोग सफर करते हैं, लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ है.
20 से ज्यादा गांवों को जोड़ता है यह मुख्य रास्ता
बताया जाता है कि यह रास्ता करीब 20 से अधिक गांवों को आपस में जोड़ता है. इसके अलावा यह रास्ता सेक्टरों और शहर की तरफ जाने के लिए भी मुख्य रास्ता है. स्कूल बसें भी इसी रास्ते से गुजरती हैं और स्कूल जाने वाले बच्चों को भी काफी परेशानी होती है. बारिश के दिनों में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं. सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाता है और लोगों को पता ही नहीं चलता कि कहां गड्ढा है और कहां सड़क. इसकी वजह से बाइक और स्कूटी सवार कई बार गिर जाते हैं. गाड़ियां गड्ढों में फंस जाती हैं और ऑटो चालकों को भी वाहन निकालने में काफी परेशानी होती है. वहीं सड़क खराब होने की वजह से सेक्टर 62 चौक के दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक भी उनकी दुकानों तक नहीं पहुंच रहे हैं.
5 से 6 साल से खराब पड़ी है सड़क
Local18 से बातचीत में दान सिंह बताते हैं कि मैं इसी बल्लभगढ़ के ऊंचा गांव का रहने वाला हूं. मेरी दुकान इसी सेक्टर 62 के चौक पर है. मैं अल्मुनियम के दरवाजे वगैरह बनाता हूं. इस रास्ते को खराब हुए करीबन कई साल हो गए हैं, लेकिन ऐसे ही अभी तक यह खराब पड़ा हुआ है. करीबन 20 गांव का रास्ता है. कई बार शिकायत करने जाते भी हैं तो बोलते हैं कि पास हो गया, पास हो गया, चार लाइन का रास्ता बनेगा, लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं हुआ है.
सड़क खराब होने से दुकानदारों की दुकानदारी प्रभावित
स्थानीय दुकानदार सुखवीर बताते हैं कि मेरी भी इसी चौक पर दुकान है, 62 के चौक पर. इस रोड के खराब होने की वजह से ग्राहक भी दुकान पर नहीं आता है. 5 से 6 साल हो गए रोड खराब हुई, लेकिन अभी तक कोई इसका समाधान नहीं हुआ है. रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हो रहे हैं. सभी गिरते हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ. चाहे कोई भी मंत्री हो, चाहे विधायक हो, सभी इस रोड से गुजरते हैं, लेकिन सबको पता होने के बावजूद समाधान कोई नहीं करता. बड़े-बड़े गड्ढों की वजह से एक्सीडेंट होते रहते हैं.
दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंच रहे
सुरेश चंद्र बताते हैं कि मेरी सैलून की दुकान है, इस रास्ते का बहुत बुरा हाल है. कोई भी ग्राहक रास्ता खराब होने की वजह से दुकान पर नहीं आता है. दुकान का 12 हजार रुपये किराया देते हैं, लेकिन ग्राहक नहीं आता है और हमारा नुकसान हो रहा है. कई बार यहां पार्षद भी पहुंच गए, उसके बावजूद यह काम यहां पर शुरू नहीं किया गया. यह रास्ता आगे भी खराब है. साहुपुरा गांव, सुनपेड़ गांव और डीग गांव तक रास्ता खराब है. इस रास्ते की वजह से कितने लोगों का एक्सीडेंट हो चुका है और कितने लोग घायल हो चुके हैं. इस रास्ते की वजह से पूरी मार्केट पिटी हुई है. सभी की दुकानदारी प्रभावित हो रही है. इसे सेक्टर 62 का चौक बोलते हैं. करीबन समस्या 5 सालों से है.
गड्ढों की वजह से रोजाना परेशान हो रहे वाहन चालक
दीपक बताते हैं कि अब मैं गाड़ी लेकर जा रहा हूं और मुझे इतनी दिक्कत और परेशानी हो रही है. रास्ता खराब होने की वजह से बहुत ज्यादा परेशानी है. मैं यही बल्लभगढ़ के ऊंचा गांव का रहने वाला हूं. मोटरसाइकिल और स्कूटी वाले रोज गिरते हैं यहां पर. ऐसे रोड पर टाइल बिछा रखी है तो क्या मतलब है इसका. यह मेन रास्ता है. मुझे लगता है 20 से अधिक गांव का रास्ता है. राठौर चौक की तरफ आगे लेंटर का रोड बना रखा है, लेकिन वहां पर पानी भरा रहता है.
बारिश होते ही पानी में डूब जाता है रास्ता
राजेश बताते हैं कि मेरी यहां पेंट हार्डवेयर की दुकान है. यह रास्ता खराब होने की वजह से हमारी दुकानदारी बिल्कुल खत्म हो चुकी है. विधायक जी बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं इस रोड का. जरा सी बारिश में यह रास्ता पूरी तरह डूब जाता है. लोगों को गड्ढों का पता नहीं चलता और गिर जाते हैं. मेन सेक्टरों को शहर से जोड़ने वाला यह मुख्य रास्ता है. 20 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला यह रास्ता है, लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं हुआ है.













